Saturday, August 22, 2026

द्विदिवसीया अखिल भारतीया वैदिक शोध संगोष्ठी का आयोजन

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। स्वामी समर्पणानन्द वैदिक शोध संस्थान तथा उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ द्वारा गुरुकुल प्रभात आश्रम भोला झाल टीकरी में द्विदिवसीया अखिल भारतीया वैदिक शोध संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। 

प्रथम दिवस शनिवार को देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों द्वारा वैदिक वाङ्मय के आलोक में पंच परिवर्तन सिद्धान्तों के विषय में समसामयिक चर्चा की गई। इस शोधपूर्ण वातावरण में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर के संस्कृतप्राच्यभाषा विभाग के सहविभागाध्यक्ष डॉ. प्रशान्त शर्मा के नेतृत्व में विभागीय अध्यापकों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थी छात्र-छात्राओं के दल ने भी प्रतिभागिता की. आयोजक संस्थान द्वारा माल्यार्पण तथा श्रीफल के साथ अंगवस्त्र प्रदान करते हुए सहविभागाध्यक्ष डॉ. प्रशान्त शर्मा का स्वागत किया। 

विभाग के शोधार्थियों ने प्रज्ञाप्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे. नन्दकुमार, केन्द्रीय संस्कृत वि.वि. नई दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास बरखेडी, मोतीहारी केन्द्रीय वि.वि. के पूर्वकुलपति प्रो. संजीव शर्मा, रोहतक वि.वि. के प्रो. सुरेन्द्र कुमार, दिल्ली वि.वि. के हिन्दु अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. ओमनाथ बिमली जैसे अनेक विश्रुत वैदिक विद्वानों तथा भारतीय ज्ञान परम्परा के विचारकों से शोधपूर्ण दृष्टि प्राप्त की. इस शोधपूर्ण शैक्षिक प्रवास में विभाग के ज्योतिष के अतिथि प्रवक्ता श्री तुषार गोयल एवं कार्यालय सहायक श्री साहिल तरीका ने महत्त्वपूर्ण सहयोग किया। 

अखिल भारतीय शोध संगोष्ठी के द्वितीय दिवस रविवार को चौ.च.सिं.वि.वि. के संस्कृत विभाग के सहविभागाध्यक्ष, अध्यापकों तथा शोधार्थियों द्वारा अपने समसामयिक शोधपत्र प्रस्तुत किये जाएंगे।

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