नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मदरसा हुसैनिया विलायतुल इस्लाम में जमीयत उलेमा शहर मेरठ के ज़ेरे-एहतेमाम एक रोज़ा तर्बियती वर्कशॉप और मक़ामी मशविरा आयोजित हुआ।
दो सत्रों में प्रोग्राम:
• पहला सत्र (सुबह 8 से 12 बजे): सदर - हज़रत मुफ़्ती मुहम्मद जुनैद क़ासमी
• दूसरा सत्र (ज़ुहर बाद 3 से 6 बजे): सदर - मुफ़्ती मुहम्मद यामीन
• निज़ामत: मुफ़्ती मुहम्मद अरशद क़ासमी, जनरल सेक्रेटरी
कार्यक्रम का आग़ाज़ झंडारोहण, तराना (कारी हाशिम सग़ीर), तिलावत (मौलवी मुतीउल्लाह) और नात (मौलाना सौबान) से हुआ।
वर्कशॉप के अहम नुकात:
1. मक़सद: मुफ़्ती अरशद क़ासमी ने कहा - सिर्फ़ जोश नहीं, बल्कि सोचे-समझे, मुसलसल और बा-मक़सद काम करने वाले बेदार कार्यकर्ता तैयार करना। हर ज़िम्मेदार खुद से पूछे - मैं क्या कर रहा हूँ, क्यों कर रहा हूँ और उसका नतीजा क्या होना चाहिए?
2. पेश किए गए विभाग:
• इस्लाह-ए-मुआशरा: मुफ़्ती शोएब साहब और मुफ़्ती बिलाल क़ासमी - कमेटियों की तशकील और माहाना प्लानिंग
• जन विकास सेवा / मॉडल विलेज: मौलाना अज़हरुद्दीन साहब - घर-घर सर्वे, मॉडल मस्जिद को ख़िदमत का मरकज़ बनाना
• JEM (Justice and Empowerment of Minorities): मौलाना अब्दुल वाजिद साहब - हक़ूक़ की हिफ़ाज़त, नफ़रत पर आधारित जुर्म की रिपोर्टिंग
• सद्भावना मंच: मौलाना महदी हसन ऐनी साहब (क़ौमी कन्वीनर) - मज़हबी हम-आहंगी, मीसाक़-ए-मदीना की रोशनी में आपसी सम्मान
• विभाग-ए-रफ़ीक़: मौलाना शकील साहब - नौजवानों में क़ियादत, अख़लाक़ और सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल
• जमीयत स्टडी सेंटर, दीनि तालीमी बोर्ड, विभाग-ए-ख़ैर, आदर्श मस्जिद: तालीम, मकतब निज़ाम, पारदर्शी फलाई काम और मस्जिद को इबादत के साथ-साथ तालीम, काउंसलिंग और ख़िदमत का मरकज़ बनाने पर तफ़सीली गुफ़्तगू
3. मेहमानों के ख़्यालात:
हाजी आदिल चौधरी, हाजी आदिल अंसारी, डॉ. शोएब एडवोकेट ने जमीयत की ख़िदमात को सराहा और हर तरह के तआवुन का यक़ीन दिलाया। संरक्षक हाफ़िज़ शब्बीर अहमद साहब ने कहा कि पिछले 10 महीनों में मेरठ में जमीयत पर अवाम का एतमाद बढ़ा है।
आख़िर में मौलाना मुहम्मद आक़िल साहब, सदर जमीयत उलेमा पश्चिमी यूपी व रुक्न शूरा दारुल उलूम देवबंद और कारी मुहम्मद यामीन साहब, जनरल सेक्रेटरी पश्चिमी यूपी ने भी शिरकत की और वर्कशॉप को सराहा।
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