नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। 2 सितंबर को प्रस्तावित
मेरठ बंद को लेकर जारी सियासत के बीच सामाजिक कार्यकर्ता शैंकी वर्मा ने कुछ संगठनों
द्वारा बंद से अपना समर्थन वापस लेने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि समर्थन वापस लेना
बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह लाखों व्यापारियों की भावनाओं के साथ धोखा है। शैंकी
वर्मा ने कहा कि सवाल यह है कि जब मुद्दा सिर्फ कुछ व्यापारियों का नहीं, बल्कि लाखों
लोगों की रोजी-रोटी और मेरठ के भविष्य का है, तो ऐसे समय में समर्थन वापस लेने की जरूरत
क्यों पड़ी? उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति, संगठन या बाजार की नहीं है।
यह आमजन की लड़ाई है, व्यापारियों की लड़ाई है और पूरे मेरठ की लड़ाई है। आवास विकास
की कार्रवाई से छोटे-बड़े व्यापारी, कर्मचारी और उनके परिवारों की आजीविका पर संकट
खड़ा हो गया है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि
क्या लाखों लोगों की रोजी-रोटी से बड़ा भी कोई मुद्दा हो सकता है? क्या व्यापारियों
के हितों की लड़ाई को बीच रास्ते में छोड़ देना उचित है? शैंकी वर्मा ने सभी व्यापारियों
और मेरठवासियों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी दल की लड़ाई नहीं, बल्कि
मेरठ की लड़ाई है। 02 सितंबर को मेरठ इतिहास रचने जा रहा है, यह क्रांति की धरा है
और यहां से एक नई क्रांति की शुरुआत होगी।

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