-कारीगरों को निःशुल्क स्टॉल और उत्पाद बेचने का मिलेगा मौका, एक नवंबर से होगा आयोजन
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मिट्टी में हुनर घोलकर खूबसूरत
उत्पाद तैयार करने वाले माटीकला कारीगरों के लिए मेरठ में रोजगार और बाजार का बड़ा
अवसर मिलने जा रहा है। पारंपरिक कला को प्रोत्साहन देने और स्थानीय उत्पादों को बाजार
उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार की पहल पर एक से सात नवंबर तक मेरठ में माटीकला
रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा।
जिला ग्रामोद्योग विभाग की ओर से
आयोजित होने वाले इस मेले में कारीगरों और व्यापारियों को अपने उत्पादों की बिक्री
के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। मेले की खास बात यह होगी कि माटीकला से जुड़े
कारीगरों और व्यापारियों को विभाग की ओर से निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे
कारीगर बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगे। मिट्टी
के पारंपरिक बर्तनों से लेकर सजावटी सामान और अन्य माटीकला उत्पादों को मेले में प्रदर्शित
करने और बेचने का अवसर मिलेगा। मेले को केवल मेरठ तक सीमित रखने के बजाय इसका दायरा
बढ़ाने की तैयारी है। जिला ग्रामोद्योग विभाग की ओर से अन्य जिलों और राज्यों के माटीकला
से जुड़े लाभार्थियों और व्यापारियों को भी मेले से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इससे अलग-अलग क्षेत्रों में तैयार होने वाले पारंपरिक उत्पादों को एक ही मंच पर बाजार
मिल सकेगा।
बाजार से जुड़कर बढ़ेगी आमदनी
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या
चतुर्वेदी ने बताया कि माटीकला रोजगार मेले का उद्देश्य कारीगरों को केवल प्रदर्शनी
का मंच देना नहीं, बल्कि उनके उत्पादों को बाजार और खरीदार उपलब्ध कराना है। उन्होंने
कहा कि अधिक से अधिक कारीगरों और व्यापारियों को मेले से जोड़ने का प्रयास किया जा
रहा है। अन्य जिलों और राज्यों के लाभार्थियों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिससे माटीकला
उत्पादों का व्यापक बाजार तैयार हो सके।
‘लोकल फॉर वोकल’ की अवधारणा को मिलेगी
मजबूती
उन्होंने कहा कि पारंपरिक कारीगरों
के हुनर को बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा
में यह मेला महत्वपूर्ण साबित होगा। स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को बढ़ावा मिलने
से ‘लोकल फॉर वोकल’ की अवधारणा को भी मजबूती मिलेगी।

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