Thursday, August 27, 2026

कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन पर सोनू त्यागी ने उठाए सवाल, विवाद के बाद जीवा ने विज्ञापन वापस लिया

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मुंबई। अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन ज्वेलरी विज्ञापन पर उठे विवाद के बाद ज्वेलरी ब्रांड जीवा ने अपना विज्ञापन वापस ले लिया है। इस विज्ञापन पर गो स्पिरिचुअल और अप्रोच एंटरटेनमेंट के संस्थापक, अवार्ड-विनिंग लेखक-निर्माता सोनू त्यागी ने सवाल उठाए थे।


जीवा के लिए बनाए गए इस विज्ञापन में कृति सेनन रक्षाबंधन मनाते हुए ऑफ-व्हाइट ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट में नजर आई थीं। विज्ञापन रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स ने पहनावे को लेकर आपत्ति जताई और कहा कि भाई-बहन के पवित्र त्योहार के विज्ञापन में ऐसी स्टाइलिंग उचित नहीं है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनू त्यागी ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार के विज्ञापन में त्योहार की भावना, भाई-बहन के रिश्ते और भारतीय संस्कृति को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "रक्षाबंधन केवल एक व्यावसायिक अवसर नहीं है। यह भाई और बहन के बीच प्यार, विश्वास, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी एक गहरी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है। जब किसी विज्ञापन में इस पवित्र रिश्ते से ज्यादा फैशन, स्किन शो और कंटेंट को वायरल बनाने पर ध्यान दिया जाता है, तो त्योहार की असली भावना कमजोर हो जाती है।"


आधुनिकता और महिला सशक्तिकरण के नाम पर रिवीलिंग कपड़ों के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए सोनू त्यागी ने कहा, "मैं यह नहीं समझता कि रक्षाबंधन मनाने के लिए किसी महिला को रिवीलिंग ड्रेस पहनने की क्या जरूरत है। कम कपड़े पहनने से कोई महिला कैसे सशक्त हो जाती है? अगर इसी विज्ञापन में कोई पुरुष अभिनेता अंडरवियर में दिखाई देता, तो क्या उसे आधुनिक या प्रगतिशील माना जाता? ब्रांड्स को संस्कृति के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। सिर्फ व्यूज या वायरल होने के लिए हिंदू परंपराओं और महिलाओं की गरिमा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।"


सोनू त्यागी ने फिल्म और त्योहार के विज्ञापन में अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि यह कोई फिल्म नहीं है, जहां कहानी की जरूरत के अनुसार कपड़े तय होते हैं। यह खास तौर पर रक्षाबंधन के लिए बनाया गया विज्ञापन था, इसलिए इसमें मर्यादा, सादगी और सम्मान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अगर किसी त्योहार के विज्ञापन को देखने के बाद लोगों का ध्यान त्योहार के संदेश से हटकर केवल कपड़ों पर चला जाए, तो विज्ञापन अपने असली उद्देश्य से भटक जाता है।


विज्ञापन वापस लिए जाने के बाद सोनू त्यागी ने कहा कि यह विज्ञापन और मार्केटिंग इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। उन्होंने कहा कि क्रिएटिविटी और आधुनिक सोच जरूरी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि त्योहारों की मूल भावना को नजरअंदाज कर दिया जाए। ब्रांड्स आधुनिक और आकर्षक विज्ञापन बना सकते हैं, लेकिन उनमें संस्कृति और रिश्तों की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए।

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