Sunday, August 2, 2026

सीसीएसयू में प्रधानमंत्री का लाइव संबोधन सुना, छात्रों ने लिया नशा मुक्त भारत का संकल्प


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में रविवार को "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान" के तहत एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव संबोधन का सामूहिक श्रवण किया गया। प्रधानमंत्री के प्रेरक विचारों से प्रेरित होकर उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का प्रण लिया।

प्रदर्शनी से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ ललित कला विभाग के विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई आकर्षक प्रदर्शनी के अवलोकन से हुआ। विद्यार्थियों ने चित्रों और कलाकृतियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों और स्वस्थ जीवनशैली का प्रभावशाली संदेश दिया, जिसकी सभी अतिथियों ने सराहना की।

नशा परिवार और राष्ट्र की प्रगति को करता है प्रभावित - डॉ. रवि राणा
प्रधानमंत्री के संबोधन से पूर्व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रवि राणा ने नशे के दुष्परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। तंबाकू, शराब और अन्य मादक पदार्थ हृदय, फेफड़े, यकृत, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को गंभीर क्षति पहुंचाते हैं। इससे सोचने-समझने की क्षमता कमजोर होती है, मानसिक तनाव, अवसाद, हिंसात्मक प्रवृत्ति और सड़क दुर्घटनाएं बढ़ती हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, शोध और नवाचार में लगाने का आह्वान किया।

छात्रों ने दी नाट्य और नृत्य प्रस्तुति
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने नशे के दुष्परिणामों पर आधारित प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति दी, जिसमें संदेश दिया गया कि नशा व्यक्ति के सपनों और परिवार की खुशियों को बर्बाद कर देता है। सांस्कृतिक नृत्य ने स्वस्थ जीवन और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया।

नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति - कुलपति
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर हरे कृष्णा ने कहा कि भारत का भविष्य उसके युवा हैं। यदि युवा नशे से दूर रहेंगे तो विकसित भारत का सपना शीघ्र साकार होगा। विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि नशा प्रतिभा को समाप्त कर देता है, जबकि अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली सफलता तक पहुंचाती है।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अधिकारियों ने स्वयं नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने की शपथ ली।

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