
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मिशन सेफ फ्यूचर-2.0 अभियान के अंतर्गत अनफिट स्कूली वाहनों के विरुद्ध 11 से 25 अगस्त 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान समिति की समीक्षा बैठक आहूत की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे स्कूल जिनके वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है और तीन बार नोटिस भेजने के बाद भी फिटनेस नहीं कराई गई है, ऐसे वाहनों का पंजीयन निरस्त किया जाए और संबंधित स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाए। इसी प्रकार जिन स्कूली वाहनों के परमिट समाप्त हो चुके हैं और तीन बार नोटिस के बाद भी नवीनीकरण नहीं कराया गया है, उन वाहनों को सीज किया जाए। डीएम ने सभी स्कूलों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए कि वाहनों में बच्चों को सुरक्षित चढ़ाने-उतारने के लिए अटेंडेंट की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाए। छात्राओं के लिए महिला अटेंडेंट और छात्रों के लिए पुरुष अटेंडेंट तैनात किए जाएं। बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) ने अध्यक्ष को अवगत कराया कि स्कूली वाहन चालकों के चरित्र सत्यापन में देरी हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे चालकों की सूची परिवहन विभाग, अपर जिलाधिकारी (नगर) एवं पुलिस विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्कूल प्रबंधकों को कड़े निर्देश दिए कि किसी भी दशा में अनफिट स्कूली वाहनों का संचालन छात्र-छात्राओं के आवागमन के लिए न किया जाए। यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित वाहनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन, जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश शुक्ला, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार, यातायात निरीक्षक (प्रभारी) संतोष सिंह, यातायात निरीक्षक लालसा प्रसाद पांडेय, बेसिक शिक्षा विभाग से प्रदीप कुमार एवं विभिन्न स्कूलों के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज उपस्थित रहे।
No comments:
Post a Comment