Monday, August 24, 2026

विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल - उपभोक्ता ने लगाया भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। विद्युत वितरण खंड वाणिज्य प्रथम के अधिशासी अभियंता के आदेश पर मीटर बदले जाने के मामले में गंभीर लापरवाही और सुविधा शुल्क मांगने का मामला सामने आया है।


उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश पंजीकृत के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल ने इस संबंध में अधिशासी अभियंता को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। श्री अग्रवाल ने बताया कि उनके आदेशानुसार उनकी अकाउंट आईडी संख्या 699 766 0000 का मीटर बदला गया है और थ्री फेज का नया मीटर लगाया गया है। परंतु आरोप है कि -

  1. मीटर का कनेक्शन खंभे से न करके पुरानी केबल में ही एक फेज जोड़कर आपूर्ति चालू कर दी गई।
  2. पुराना मीटर बिना सील किए ही कर्मचारी ले गए।
  3. दिए गए सीलिंग सर्टिफिकेट में लैब का पता, मीटर चेक करने की तारीख और समय का कोई उल्लेख नहीं है।
  4. मीटर लगाने आए निजी कर्मचारियों ने सुविधा शुल्क के नाम पर 500 रुपये की मांग की। रुपये न देने पर वे नाराज होकर चले गए।

उन्होंने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि मीटर उनकी मोटरसाइकिल पर बंधा हुआ था, जिसकी फोटो भी विभाग को भेजी जा रही है। सीलिंग सर्टिफिकेट अधूरा होना और बिना सील मीटर ले जाना नियमों के विरुद्ध है।लोकेश अग्रवाल ने कहा कि जब मीटर जांच के बाद IR और भारी जुर्माने का प्रावधान है, उसके बाद भी उपभोक्ता को अधूरे दस्तावेज देना और बिना सील मीटर ले जाना उपभोक्ता के साथ अत्याचार है। 


उन्होंने मांग की है कि -

मांगे:

  • उनके मीटर का कनेक्शन नियमानुसार खंभे से कराया जाए।
  • मीटर को निष्पक्ष तरीके से लैब में डिक्लेअर / चेक कराया जाए ताकि कोई गड़बड़ी न की जा सके।
  • सुविधा शुल्क मांगने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों तक ले जाया जाएगा।

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