Saturday, August 22, 2026

'वामा के स्वर': नशा मुक्त समाज के लिए स्लोगन पुस्तिका का विमोचन

 • वामा साहित्य मंच की सदस्यों का आह्वान, नशा मुक्त रहे समाज 


• शिवना प्रकाशन से आई इस लघु पुस्तिका में मंच की सदस्यों ने स्लोगन प्रस्तुत किए हैं।


नित्य संदेश, इंदौर। ज्ञातव्य है कि मई माह में मंच द्वारा नशा मुक्ति पर एक गोष्ठी आयोजित की गई थी जिसमें सदस्यों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था. कुछ स्लोगन इतने सटीक और प्रभावी लगे कि गोष्ठी में ही तय किया गया कि इसे पुस्तिका रूप में लाना चाहिए. 


सदस्य संपादक के रूप में शिरीन भावसार, मधु टाक, तनूजा चौबे और श्रुति शर्मा ने यह बीड़ा उठाया और अल्प समय में सभी स्लोगन एकत्र कर उसे पुस्तिका रूप में लाने में अहम् भूमिका निभाई. 


अगस्त माह की गोष्ठी में पधारे अतिथि श्री सुरेश पटेल, उपाध्यक्ष वैजयंती दाते, सचिव स्मृति आदित्य की उपस्थिति में संपादक मंडल के साथ इसे लोकार्पित किया गया. 

इस पुस्तिका की प्रेरणा अध्यक्ष ज्योति जैन तथा मार्गदर्शक डॉ. शारदा मंडलोई की रही. 


वामा साहित्य मंच साहित्यिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति भी सजग है. 


इस पुस्तिका की विषय वस्तु की शहर के कई वरिष्ठ नागरिकों ने प्रशंसा की है. 


समस्त कार्यकारिणी ने संपादक मंडल को बधाई दी और इस महत्व पूर्ण कार्य की सराहना की है.


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