
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग की पूर्व छात्रा एवं गढ़मुक्तेश्वर, उत्तर प्रदेश की निवासी लाविस्ता त्यागी ने जापान की सैतामा यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरी करने के बाद प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी सैंटी होल्डिंग्स में स्थायी पद प्राप्त कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। पीएचडी पूरी करने के बाद कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से उनका चयन हुआ है और उन्हें लगभग 35 लाख रुपये वार्षिक पैकेज का अवसर प्राप्त हुआ है। इसी क्रम में भारत प्रवास के दौरान वह गुरुवार को अपने शिक्षकों से मिलने और उनका आभार व्यक्त करने के लिए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय पहुंचीं तथा माननीय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला से शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शोध निदेशक प्रो. बीरपाल सिंह, कुलसचिव प्रो. भूपेंद्र सिंह तथा भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अनुज कुमार उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने लाविस्ता त्यागी की उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लाविस्ता त्यागी ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से परास्नातक की शिक्षा प्रो. वीरपाल सिंह के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में पूरी की। उनके अनुसार प्रो. बीरपाल सिंह के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और महत्वपूर्ण अनुशंसा ने उनकी आगे की शैक्षणिक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी मार्गदर्शन एवं अनुशंसा के माध्यम से उन्हें वर्ष 2022 में जापान की सैतामा यूनिवर्सिटी में पीएचडी करने का अवसर प्राप्त हुआ। जापान सरकार की प्रतिष्ठित मेक्स्ट छात्रवृत्ति प्राप्त होना भी उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों में महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। लाविस्ता त्यागी ने सैतामा यूनिवर्सिटी में अपनी पीएचडी महज तीन वर्ष में सफलतापूर्वक पूरी की। उनका शोध कार्य अत्याधुनिक ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी, बायोस्पेकल ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी, नैनोमैटेरियल्स तथा पौधों एवं बीजों पर नैनोकणों के प्रभाव जैसे बहुविषयी विषयों पर केंद्रित रहा। उनके शोध में अत्याधुनिक गैर-आक्रामक प्रकाशीय तकनीक के माध्यम से पौधों और बीजों के भीतर होने वाले सूक्ष्म जैविक परिवर्तनों का वास्तविक समय में अध्ययन किया गया। इस तकनीक की सहायता से पौधों एवं बीजों को नुकसान पहुंचाए बिना उनके विकास तथा विभिन्न नैनोकणों और पर्यावरणीय कारकों के प्रभावों को समझने का प्रयास किया गया।
लाविस्ता त्यागी के शोध कार्य में जिंक ऑक्साइड, कॉपर एवं कॉपर ऑक्साइड तथा टाइटेनियम डाइऑक्साइड नैनोकणों के पौधों एवं बीजों पर प्रभावों का अध्ययन शामिल रहा। इसके अलावा नैनोकणों और माइक्रोप्लास्टिक के संयुक्त प्रभावों को समझने पर भी उन्होंने शोध किया। उनका शोध भौतिक विज्ञान, नैनो प्रौद्योगिकी, प्रकाशीय इमेजिंग और पादप विज्ञान के बीच महत्वपूर्ण समन्वय प्रस्तुत करता है। उनके शोध कार्य अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।
सैतामा यूनिवर्सिटी में कैंपस प्लेसमेंट से मिला अवसर
पीएचडी पूरी करने के बाद लाविस्ता त्यागी को सैतामा यूनिवर्सिटी में हुए कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से सैंटी होल्डिंग्स में स्थायी पद प्राप्त हुआ। सैंटी होल्डिंग्स एक स्थापित बहुराष्ट्रीय कंपनी है और यहां उन्हें अनुसंधान एवं विकास से संबंधित कार्य करने का अवसर मिला है। पीएचडी के बाद सीधे प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी में स्थायी नियुक्ति और लगभग 35 लाख रुपये वार्षिक पैकेज प्राप्त करना उनकी शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों को दर्शाता है।
शिक्षकों और विश्वविद्यालय के प्रति जताया आभार
अपने विश्वविद्यालय आगमन पर लाविस्ता त्यागी ने अपने शिक्षकों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “मैं गढ़मुक्तेश्वर, उत्तर प्रदेश से हूं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से मैंने अपनी परास्नातक की शिक्षा प्रोफेसर बीरपाल सिंह के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में पूरी की। उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और अनुशंसा से मुझे वर्ष 2022 में जापान की सैतामा यूनिवर्सिटी में पीएचडी करने का अवसर प्राप्त हुआ। जापान सरकार की प्रतिष्ठित मेक्स्ट छात्रवृत्ति प्राप्त करना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही।” उन्होंने कहा कि “मैंने सैतामा यूनिवर्सिटी में अपनी पीएचडी तीन वर्ष में सफलतापूर्वक पूरी की। इसके बाद मुझे सैतामा यूनिवर्सिटी के कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से सैंटी होल्डिंग्स जैसी स्थापित बहुराष्ट्रीय कंपनी में स्थायी पद प्राप्त हुआ। यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मेरी शैक्षणिक यात्रा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से शुरू होकर जापान में पीएचडी और अब बहुराष्ट्रीय कंपनी में पेशेवर कार्य तक पहुंची है।”
लाविस्ता ने कहा कि “आज अपने विश्वविद्यालय लौटकर अपने शिक्षकों से मिलना और अपनी सफलता में उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त करना मेरे लिए भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। मेरे प्रोफेसरों, मार्गदर्शकों और उन सभी लोगों का मेरे जीवन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिन्होंने इस पूरी यात्रा में मेरा सहयोग किया। उनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने मेरे शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन को आकार देने में अमूल्य भूमिका निभाई है।” उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को दिए जाने वाले शैक्षणिक एवं शोध अवसरों की सराहना करते हुए कहा कि “विश्वविद्यालय और विभाग से मिलने वाला मार्गदर्शन विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रेरित करते हैं। मुझे विश्वास है कि ऐसे अवसर वर्तमान विद्यार्थियों को भी देश-विदेश में उच्च शिक्षा और शोध के लिए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।” उन्होंने कहा कि “विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को जहां भी मेरी आवश्यकता होगी, मैं अपने अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर अपने स्तर से हरसंभव सहयोग करने के लिए तैयार रहूंगी। विशेष रूप से उच्च शिक्षा, शोध, विदेश में अध्ययन और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से संबंधित मार्गदर्शन में मैं विद्यार्थियों की सहायता करना अपना सौभाग्य समझूंगी।”
कुलपति ने कहा- लाविस्ता की उपलब्धि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने लाविस्ता त्यागी को पीएचडी पूरी करने तथा जापान में प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी में स्थायी नियुक्ति प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि “चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के लिए यह गर्व का विषय है कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राएं और छात्र देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। लाविस्ता त्यागी की शैक्षणिक यात्रा और उनकी उपलब्धियां वर्तमान विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।” कुलपति ने कहा कि “लाविस्ता का अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और विश्वविद्यालय से अपना जुड़ाव बनाए रखना अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने जिस प्रकार अपने अनुभवों को विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ साझा करने और आवश्यकता पड़ने पर उनका सहयोग करने की बात कही है, वह अन्य पूर्व विद्यार्थियों के लिए भी अनुकरणीय है।” उन्होंने लाविस्ता त्यागी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि लाविस्ता की सफलता से विश्वविद्यालय के अन्य विद्यार्थी भी प्रेरणा लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर प्राप्त करेंगे।
शोध निदेशक प्रो. बीरपाल सिंह ने लाविस्ता त्यागी को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता उनके परिश्रम, प्रतिभा और निरंतर सीखने की भावना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि लाविस्ता ने विश्वविद्यालय से प्राप्त शिक्षा और मार्गदर्शन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों में परिवर्तित किया है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अनुज कुमार ने कहा कि विभाग के लिए यह गौरव का विषय है कि उसकी पूर्व छात्रा ने जापान में उच्च स्तरीय शोध करते हुए तीन वर्ष में पीएचडी पूरी की और इसके बाद प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी में स्थायी नियुक्ति प्राप्त की। उन्होंने लाविस्ता के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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