नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। दोस्ती का रिश्ता सबसे खूबसूरत रिश्तों में से एक माना जाता है, जहाँ न जात-पात देखी जाती है और न ही उम्र। इसका जीता जागता उदाहरण मेरठ में देखने को मिला है। फ्रेंडशिप डे के मौके पर बलवंत नगर की एक अनोखी दोस्ती चर्चा का विषय बनी हुई है।
बलवंत नगर निवासी आयुष गोयल और पीयूष गोयल की दोस्ती मीनाक्षीपुरम निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग एस.के. शर्मा के साथ है। उम्र में इतना बड़ा फासला होने के बावजूद इन तीनों की दोस्ती आज के युवाओं के लिए एक मिसाल है। आयुष गोयल बताते हैं कि एस.के. शर्मा उनके सबसे अच्छे मित्र हैं। उन्होंने हर दुख-सुख में एक सच्चे दोस्त की तरह साथ निभाया है। जब भी जीवन में कोई मुश्किल आई, शर्मा जी ने एक बड़े बुजुर्ग की तरह मार्गदर्शन भी दिया और एक दोस्त की तरह कंधे से कंधा मिलाकर साथ भी खड़े रहे।
आयुष ने बताया, "हमारी दोस्ती में कभी उम्र आड़े नहीं आई। हम एक-दूसरे पर अटूट विश्वास करते हैं। हम आपस में अपनी गोपनीय से गोपनीय बातें भी साझा करते हैं, जो शायद हम अपने परिवार से भी न कर पाएं।" एस.के. शर्मा और आयुष की यह दोस्ती यह साबित करती है कि सच्चा दोस्त मिलने पर उम्र, पेशा और हैसियत सब बेमानी हो जाती है। फ्रेंडशिप डे पर इनकी यह कहानी शहर में सच्ची मित्रता की एक नई परिभाषा गढ़ रही है।

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