Monday, August 24, 2026

चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती, मेरठ परिक्षेत्र में 2.69 लाख टन स्टॉक उपलब्ध - उप गन्ना आयुक्त



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चीनी की जमाखोरी, कालाबाजारी या बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त यशपाल सिंह ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के आदेश और आयुक्त गन्ना एवं चीनी उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में पूरे परिक्षेत्र में प्रशासन और गन्ना विभाग का संयुक्त अभियान एक्शन मोड में है। उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि मेरठ परिक्षेत्र में वर्तमान में 2,69,672.46 मीट्रिक टन चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए बाजार में कृत्रिम अभाव की कोई स्थिति नहीं है। इसके बावजूद कीमतों को प्रभावित करने की कोशिश को किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा।


निगरानी के मुख्य बिंदु:

  • तकनीक आधारित निगरानी: सभी चीनी मिलों को एस.जी.के. पोर्टल पर दैनिक स्टॉक की प्रविष्टि अनिवार्य की गई है। जिला गन्ना अधिकारियों को इसका नियमित अनुश्रवण करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • भौतिक सत्यापन: चीनी मिलों के स्टॉक का नियमित भौतिक सत्यापन कर उपलब्धता का मिलान किया जा रहा है।
  • डीलरों पर नजर: चीनी डीलर किसी भी समय 400 मीट्रिक टन से अधिक स्टॉक नहीं रख सकते और प्राप्त चीनी को 30 दिन से अधिक भंडारित नहीं कर सकते।
  • बल्क उपभोक्ताओं पर नियंत्रण: 10 मीट्रिक टन या उससे अधिक मासिक खपत वाले बड़े उपभोक्ता 15 दिन से अधिक स्टॉक नहीं रख सकेंगे।
  • बिक्री के बाद रोक पर कार्रवाई: मिलों द्वारा बिक्री के बाद भी चीनी को अपने परिसर या गोदाम में निर्धारित अवधि से अधिक रोकने पर कार्रवाई होगी।

उप गन्ना आयुक्त ने कहा कि यह मुहिम केवल मिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि थोक विक्रेताओं, डीलरों और बड़े उपभोक्ताओं के स्टॉक पर भी नियमानुसार कड़ी नजर रखी जा रही है। कहीं भी निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक या संदिग्ध गतिविधि मिली तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।


जिलावार गठित निगरानी टीमें -

शासन के निर्देशों के पालन के लिए परिक्षेत्र के सभी जिलों में संयुक्त टीमें गठित की गई हैं:

01. मेरठ - विपणन निरीक्षकों / पूर्ति निरीक्षकों की संयुक्त टीम।
02. बागपत - उप जिलाधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी की संयुक्त टीम।
03. हापुड़ - उपजिलाधिकारियों, क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों, विपणन निरीक्षकों / पूर्ति निरीक्षकों एवं सचिव, कृषि उत्पादन मंडी समिति की संयुक्त टीम।
04. गाजियाबाद - जिले के विपणन निरीक्षकों की संयुक्त टीम।
05. बुलन्दशहर - उप जिला अधिकारी, सचिव मंडी परिषद व विपणन निरीक्षक की संयुक्त टीम।
06. अलीगढ़ - अपर जिला अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी एवं मंडी सचिव की संयुक्त टीम।
07. मथुरा - एरिया मार्केटिंग ऑफिसर, मंडी समिति प्रतिनिधि एवं खाद्य निरीक्षक की संयुक्त टीम।


इसके अतिरिक्त मंडल स्तरीय निरीक्षण दल भी गठित किए जा रहे हैं। उप गन्ना आयुक्त ने कहा कि प्रशासन और गन्ना विभाग की यह संयुक्त मुहिम उपभोक्ताओं के हितों को सुरक्षित रखने और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए है।

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