Monday, August 24, 2026

श्री मंदिर ऐप ने अंतिम सावन सोमवार पर 1,000 ब्राह्मणों द्वारा 1 करोड़ ‘ॐ नमः शिवाय’ जाप का किया आयोजन

प्रयागराज के सोमेश्वर महादेव मंदिर में श्री मंदिर ऐप द्वारा आयोजित इस विशेष अनुष्ठान में 1,000 लीटर गंगाजल से महा रुद्राभिषेक भी किया गया

नित्य संदेश ब्यूरो 
नई दिल्ली:- अंतिम सावन सोमवार के अवसर पर श्री मंदिर ऐप ने प्रयागराज के श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर में 1,000 ब्राह्मणों द्वारा सामूहिक रूप से 1 करोड़ बार ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप कराया। श्री मंदिर ऐप द्वारा पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित इस महापूजा में भगवान शिव का 1,000 लीटर गंगाजल से महा रुद्राभिषेक भी किया गया। इस आयोजन से भारत और विदेशों के 25000 से अधिक श्रद्धालु जुड़े।

यह महापूजा श्री मंदिर ऐप के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही, जिसमें अंतिम सावन सोमवार के अवसर पर एक ही मंदिर में 1,000 ब्राह्मणों ने पंचाक्षरी मंत्र का 1 करोड़ बार जाप किया। इस विशेष अनुष्ठान से भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेशों में रहने वाले श्रद्धालु जुड़े और उनकी ओर से सोमेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।

पूजा का आयोजन पारंपरिक वैदिक विधि-विधान के अनुसार किया गया। 1 करोड़ मंत्र जाप और 1,000 लीटर गंगाजल से महा रुद्राभिषेक के साथ ही भगवान शिव को 108 बिल्व पत्र, भस्म अभिषेक और बेलपत्र के साथ धतूरा भी अर्पित किया गया। इस अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिसमें महाराष्ट्र से सबसे अधिक 23% भागीदारी रही, इसके बाद कर्नाटक से 12% और दिल्ली से 10% श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शेष भागीदारी तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों से रही, जो अंतिम सावन सोमवार की इस पूजा में देशभर से श्रद्धालुओं की व्यापक भागीदारी को दर्शाती है।

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे महत्वपूर्ण महीनों में से एक माना जाता है और इस दौरान सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व होता है। अंतिम सावन सोमवार इस पवित्र माह का आखिरी सोमवार होने के साथ सावन में की जाने वाली शिव आराधना के समापन का भी प्रतीक है। श्रद्धालु इस अवसर पर पूजा-अर्चना, मंत्र जाप, रुद्राभिषेक और भगवान शिव की विभिन्न प्रकार से आराधना करते हैं, जिससे सावन का अंतिम सोमवार पूरे माह की भक्ति और उपासना में विशेष स्थान रखता है।

श्री मंदिर ऐप के संस्थापक एवं सीईओ प्रशांत सचान ने कहा, “अंतिम सावन सोमवार शिव भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है और हम इसे इस दिन के महत्व के अनुरूप विशेष रूप से मनाना चाहते थे। हमारे लिए इस पूजा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को, चाहे वे दुनिया के किसी भी हिस्से में हों, सोमेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव को अर्पित इस विशेष पूजा में सहभागी होने का अवसर देना था। सावन के इतने महत्वपूर्ण दिन पर यह आयोजन कर पाना हमारे लिए विशेष रूप से सार्थक रहा।”

श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर, जिसे सोमेश्वर नाथ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, प्रयागराज के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक है। मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, दक्ष प्रजापति के श्राप के बाद चंद्र देव ने यहां भगवान शिव की आराधना की थी, जिसके बाद उन्हें अपने कष्ट से मुक्ति मिली। यह मंदिर एकादश रुद्रों से भी जुड़ा माना जाता है। एक अन्य प्रचलित मान्यता के अनुसार, मंदिर का त्रिशूल चंद्रमा की गति के साथ अपनी दिशा बदलता है।

अंतिम सावन सोमवार की यह महापूजा श्री मंदिर ऐप द्वारा अब तक आयोजित इस प्रकार का सबसे बड़ा आयोजन भी है, जिसमें अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को एक ही मंदिर में होने वाली पूजा से जोड़ा गया। ऐसे आयोजनों के माध्यम से श्री मंदिर ऐप का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को महत्वपूर्ण मंदिर आयोजनों में भाग लेने का अवसर प्रदान करना है, जबकि पूजा, अर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान मंदिर में पुजारियों द्वारा पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार ही संपन्न किए जाते हैं।

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