Saturday, July 18, 2026

सीलिंग, बंदी, दण्डात्मक कार्यवाही को स्थगित किए जाने की मांग

 

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। ऑल इंडिया स्कूल लीडर्स एसोसिएशन की ओर से शनिवार को मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। आवासीय परिसरों में संचालित विद्यालयों के विरुद्ध सीलिंग, बंदी अथवा दण्डात्मक कार्यवाही को स्थगित किए जाने की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष कवल जीत सिंह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन की प्रक्रिया के कारण आवासीय परिसरों में संचालित हजारों विद्यालयों के समक्ष अभूतपूर्व संकट उत्पन्न हो गया है।


कहा कि यदि बिना किसी संक्रमणकाल अथवा वैकल्पिक व्यवस्था के तत्काल प्रभाव से इन विद्यालयों के विरुद्ध सीलिंग अथवा बंदी की कार्रवाई की जाती है, तो इसका सर्वाधिक दुष्प्रभाव विद्यालय संचालकों पर नहीं, बल्कि लाखों मासूम विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा सम्पूर्ण शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। आंकड़ों के अनुसार, मेरठ जनपद में लगभग 3,500 विद्यालय ऐसे हैं, जो आवासीय क्षेत्रों में संचालित हैं। इन विद्यालयों में लगभग 7 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा लगभग 70 हजार शिक्षक एवं सहायक कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत हैं। यदि इन विद्यालयों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही की जाती है, तो लाखों विद्यार्थियों की शिक्षा बाधित होगी, हजारों शिक्षक एवं कर्मचारी बेरोजगार होंगे तथा लाखों अभिभावकों के समक्ष अपने बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा एवं आवागमन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी। गौरतलब है कि इस प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय में अगली सुनवाई 21 सितम्बर 2026 को निर्धारित है।

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