नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। आज आवश्यकता है कि हम महर्षि वेदव्यास की ज्ञान परम्परा , वेदों के सत्य, उपनिषदों के आत्मबोध , पुराणों के जीवन मूल्य और गुरु दत्तात्रेय की व्यापक शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें। गुरु पूर्णिमा केवल पूजन का ही पर्व नहीं है बल्कि यह ज्ञान, अनुशासन, सेवा, विनम्रता और आत्मविकास का संकल्प लेने का अवसर है।
उक्त विचार सद्गुरु अण्णा महाराज ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दिए गए आशीर्वचन में व्यक्त किए। पलसीकर कॉलोनी स्थित श्री दत्त माउली सदगुरु अण्णा महाराज संस्थान में चल रहे चार दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव का समापन बुधवार को हुआ। यहां गुरु पूर्णिमा का पर्व हर्ष, उल्लास, उत्साह, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। देश के विभिन्न भागों से पधारे शिष्यों के साथ शहर के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन हेतु पधारे। वहीं जो आ नहीं सकते थे उन्हें वीडियो कॉल के माध्यम से अपने गुरु के दर्शन किए । ऐसे भक्तों में विदेश में रह रहे भक्त भी शामिल थे। दोपहर 12 बजे महाआरती हुई उसके पश्चात संस्थान परिसर में गुरु पादुका की पालकी यात्रा निकाली गई।
श्रद्धालुओं ने सद्गुरु अण्णा महाराज के दर्शन और दीक्षा प्राप्त की। शाम 7 बजे पाद्य पूजन एवं सदगुरु अण्णा महाराज के आशीर्वचन हुए। इस अवसर पर संपूर्ण परिसर की फूलों से आकर्षक साज सज्जा की गई। अण्णा महाराज के साथ ही संस्थान परिसर में स्थित दत्त भगवान की दिव्य मूर्ति, चौसठ योगिनी मंदिर, साढ़े तीन शक्ति पीठ देवियों के दर्शन करने हेतु सुबह से देर रात तक दर्शनार्थियों की लंबी लंबी कतारें लगी रही। भक्तों को महाप्रसाद वितरण भी किया गया। विधायक मालिनी गौड़, श्री मधु वर्मा, एम आय सी सदस्य अभिषेक बबलू शर्मा, पार्षद प्रशांत बडवे सहित अनेक गणमान्य नागरिक गुरु पूर्णिमा पर आशीर्वाद प्राप्त करने उपस्थित रहे।



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