
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। भारत में विभिन्न समुदाय जातियों और धर्म के लोग रहते हैं जिनका पहरावा और वेशभूषा भी विभिन्न होता है पर पगड़ी सभी की आन, बान और शान होती है, विभिन्न प्रदेशों में विभिन्न प्रकार की पगड़ी बांधी जाती है, ये इज्जत और जिम्मेवारी की प्रतीक है। अर्थात पगड़ी हमारे देश की शान है।

ये विचार गुरु गोबिंद सिंघ स्टडी सर्कल की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती दलजीत कौर बिंद्रा के थे जो उन्होंने गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल में "अंतर विद्यालय सुंदर पगड़ी बाँधो" प्रतियोगिता के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये। अवसर था, गुरु हरकृष्ण जी का प्रकाश उत्सव कार्यक्रम का आरंभ अरदास के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत डायरेक्टर रतनजीत सिंघ शैरी और प्रिंसिपल श्रीमती रीना दुग्गल ने किया।

इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों और संस्थाओं की तरफ से बच्चों ने दूमाला,पटियाला शाही, अमृतसरी मुड़ासा, परना इत्यादि स्टाइल में पगड़ी बांधी। कइयों ने तो मात्र 3 मिनट में पगड़ी बांधकर सब को चौंका दिया। अंकों के आधार पर प्रथम स्थान— तनवीर सिंह, द्वितीय स्थान —इशमीत सिंह, तृतीय स्थान —मेहरवान सिंह ने प्राप्त किया। अंकों के आधार पर मनप्रगास कौर को विशेष पुरस्कार दिया गया।

इसके अलावा जशन जीत सिंह, मनराज सिंह, मनवीर सिंह, अबीर सिंह, मनदीप सिंह, जश्नजोत सिंह, कबीर सिंह, जरनैल सिंह, सावीया बजाज मीत, जपमन सिंह घई, गुरप्रीत सिंह भाटिया को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए। सभी को सुंदर प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। संचालन हरप्रीत कौर ने किया, आभार श्री शैरी ने व्यक्त किया।
No comments:
Post a Comment