Sunday, June 14, 2026

राष्ट्रीय लोकदल के प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल से की मुलाकात, जम्मू-कश्मीर में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव शीघ्र कराने की मांग

नित्य संदेश ब्यूरो

श्रीनगर। राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी एवं जम्मू-कश्मीर प्रभारी विनय प्रधान के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न जनहित एवं लोकतांत्रिक मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें लंबे समय से लंबित शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) चुनाव, विशेष रूप से श्रीनगर नगर निगम (एसएमसी) चुनाव प्रमुख रूप से शामिल रहे।


आरएलडी प्रतिनिधिमंडल में जम्मू-कश्मीर आरएलडी के अध्यक्ष डॉ. ज़हूर अहमद तथा महासचिव एवं प्रवक्ता अल्ताफ अहमद डार शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने नवंबर 2023 से श्रीनगर नगर निगम में निर्वाचित परिषद के अभाव पर चिंता व्यक्त की। पार्टी ने कहा कि जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाएं जनता की समस्याओं के समाधान और प्रभावी शहरी प्रशासन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया गया कि शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में हो रही देरी मुख्य रूप से कुछ प्रशासनिक एवं प्रक्रियागत औपचारिकताओं के कारण है। इनमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के संबंध में समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की समीक्षा, विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों के परिसीमन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया को पूरा करना तथा चुनावों की औपचारिक घोषणा एवं कार्यक्रम जारी करने के लिए राज्य चुनाव आयोग को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाना शामिल है।

राष्ट्रीय लोकदल के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि इन लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा किया जाए ताकि जल्द से जल्द चुनाव कराए जा सकें और जम्मू-कश्मीर के शहरी स्थानीय निकायों में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व बहाल हो सके। प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर में माननीय उपराज्यपाल द्वारा चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान (Anti-Drug Drive) की भी सराहना की और इसे युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

पार्टी ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने तथा जनता को निर्वाचित स्थानीय सरकारों के माध्यम से प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। राष्ट्रीय लोकदल ने आशा व्यक्त की कि प्रशासन शेष सभी औपचारिकताओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध चुनावों का मार्ग प्रशस्त होगा।


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