शाहिद खान
नित्य संदेश, मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (आजाद) के तत्वावधान में गुरुवार से शुरू होने वाली शांतिपूर्ण 'किसान अधिकार यात्रा' को पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी तानाशाही के बल पर जबरन रोक दिया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जगह-जगह उनके घरों पर ही हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया।
भाकियू आजाद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नितिन बालियान के गंगानगर स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनात कर सुबह से ही उन्हें नजरबंद रखा गया। इसी प्रकार, सिंघावली गांव में संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर शादाब चौधरी के आवास पर भी पुलिस का पहरा बैठाकर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया गया। शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के बाद, प्रशासनिक अधिकारियों को नेताओं के घरों पर ही भेजकर ज्ञापन की औपचारिकता पूरी कराई गई। भाकियू (आजाद) ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन लाठी और पुलिस के दम पर किसानों की आवाज को ज्यादा दिनों तक नहीं दबा सकता। यदि इन ज्वलंत समस्याओं और मांगों का जल्द ही स्थाई समाधान नहीं निकाला गया, तो संगठन राष्ट्रव्यापी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

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