अखिल गौतम
नित्य संदेश, मेरठ। सिवालखास विधानसभा क्षेत्र के ग्राम थ्रोट निवासी बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ललिता गौतम के कथित अपहरण, दुष्कर्म एवं हत्या के मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना के विरोध में तथा पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शुक्रवार को मेरठ स्थित कमिश्नरी पार्क में एक शांतिपूर्ण धरना प्रस्तावित किया गया था। हालांकि धरने से पूर्व भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के प्रदेश अध्यक्ष आरिफ चौहान को उनके आवास पर नजरबंद किए जाने का मामला सामने आया है।
आरिफ चौहान ने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ललिता गौतम के साथ हुई घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा धरना-प्रदर्शन में शामिल होने से रोका गया। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इस प्रकार की कार्रवाई से लोगों में असंतोष बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर संगठन लगातार आवाज उठाता रहेगा। आरिफ चौहान के अनुसार, इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के विरुद्ध बताया। संगठन ने कहा कि न्याय की मांग को किसी भी स्तर पर दबाया नहीं जा सकता और पीड़ित परिवार के साथ खड़ा रहना समाज की जिम्मेदारी है।
संगठन की ओर से प्रमुख मांगों में मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा नजरबंद किए गए आरिफ चौहान को तत्काल रिहा करने की मांग शामिल है।
उधर, मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया है।
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