Thursday, June 25, 2026

मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक द्वारा महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष व्याख्यान

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के अंतर्गत सुभारती मेडिकल कॉलेज एवं छत्रपति शिवाजी सुभारती अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग द्वारा आज “सुभारती साइकियाट्री अपडेट-2026: रीसेंट एडवांसेज” (Subharti Psychiatry Update-2026: Recent Advances) विषय पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का सफल आयोजन हरि सिंह नालवा कन्वेंशन सेंटर, काउंसिल हॉल (प्रथम तल), मेडिकल कॉलेज, एसवीएसयू, मेरठ में किया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों से आए मनोचिकित्सा विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। इसी क्रम में मेडिकल कॉलेज, मेरठ के मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. तरुण पाल ने “पेरिनेटल साइकियाट्री एंड वूमेंस मेंटल हेल्थ – 2026 अपडेट” (प्रसवकालीन मनोचिकित्सा एवं महिलाओं का मानसिक स्वास्थ्य) विषय पर एक विशेष व्याख्यान दिया। इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. विवेक कुमार ने की।


डॉ. तरुण पाल ने अपने व्याख्यान में बताया कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद का समय महिलाओं के लिए शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी अत्यंत संवेदनशील होता है। इस दौरान कई महिलाएं अवसाद (डिप्रेशन) और चिंता (एंग्जायटी) जैसी समस्याओं से गुजरती हैं, जिन्हें समय पर पहचानकर उचित उपचार देना बेहद आवश्यक है। उन्होंने प्रसवकालीन अवसाद एवं चिंता की स्क्रीनिंग और उपचार में हुई हाल की वैज्ञानिक प्रगति पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान मनोरोग संबंधी दवाओं (साइकोट्रॉपिक दवाओं) का उपयोग किस प्रकार सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है, ताकि माँ और शिशु दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।


सामान्य जनता को संबोधित करते हुए डॉ. पाल ने स्पष्ट किया कि प्रसव के बाद होने वाला अवसाद (पोस्टपार्टम डिप्रेशन) कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक चिकित्सीय स्थिति है, जिसका समय पर इलाज संभव है। उन्होंने परिवार के सदस्यों से अपील की कि वे नई माँ के व्यवहार में आने वाले बदलावों — जैसे लगातार उदासी, चिड़चिड़ापन, नींद न आना या बच्चे के प्रति अरुचि — पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर समय रहते मनोचिकित्सक से सलाह लें। कार्यक्रम के समापन पर आयोजन समिति द्वारा डॉ. तरुण पाल को उनके ज्ञानवर्धक व्याख्यान तथा मनोचिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुभारती मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग के संकाय सदस्य, रेजिडेंट चिकित्सक तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाया।

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