• योग हमें आध्यात्मिक और अनुशासित रूप से समृद्ध बनाता है — केंद्रीय राज्यमंत्री श्री उईके
• जिला प्रशासन, आयुष विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, नगर निगम का संयुक्त आयोजन बॉस्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में संपन्न
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले भव्य योग दिवस आयोजन भारत सरकार में मंत्री दुर्गादास उइके, मध्यप्रदेश शासन में केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव उपस्थिती में सम्पन्न हुआ। इस आयोजन में एक साथ दस हज़ार योग साधकों के द्वारा भ्रामरी प्राणायाम कर विश्व कीर्तिमान बनाया गया।
केंद्रीय राज्यमंत्री जनजातीय कार्यविभाग दुर्गा दास उईके ने कहा कि योग केवल व्यायाम तक सीमित नहीं होकर हमें आध्यात्मिक और अनुशासित रूप से समृद्ध बनाता है। योग का उल्लेख वेदों और उपनिषदों में भी है। आत्मा से परमात्मा को जोड़ने का माध्यम योग है। महर्षि पतंजलि ने योग को वैश्विक रूप प्रदान किया है। योग मन को नियंत्रण करने का माध्यम है। योग जीवन जीने की सरल पद्धति है और यह हमें शारीरिक और मानसिक रूप से संतुलित रूप प्रदान करता है। उईके आज 12वीं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर इंदौर के बॉस्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम "स्वस्थ्य आयु के लिए योग" में अपना मुख्य संबोधन दे रहे थे। इस मौके पर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, संभागायुक्त डॉं सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्तॉ क्षितिज सिंघल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन, जिला शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी, योगाचार्य सहित विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोलकत्ता में आयोजित योग कार्यक्रम में संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। जिसे उपस्थित जनसमूह ने ध्यानपूर्वक सुना।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री उईके ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों के चलते संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में वैश्विक मान्यता दी है। यह प्रस्ताव मात्र 75 दिनों में पारित हो गया। जो भारत की एक बड़ी उपलब्धि है। आज संपूर्ण विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। योग हमें अधिक सक्षम और खुशहाल बनाता है। उईके ने कहा कि हम सौभाग्यशाली है कि हमारा जन्म देवभूमि भारत और सनातन धर्म में हुआ है। हमें वरदान के रूप में 16 संस्कार प्राप्त हुए है। भारत एक ऐसा देश है जहां विभिन्न प्रकार की पूजा पद्धतियां है। यहां श्रेष्ठ मनुष्य को भी पुरूषोत्तम कहा जाता है।
उईके ने कहा कि भारत पर करीब 1 हजार वर्षो तक मुगलों, अंग्रेजों सहित अनेक आक्रांताओं ने हमले कर राज किया है। इसके बावजूद भारत आज अपने पैरों पर मजबूती के साथ खड़ा हुआ है और लगातार प्रगति और विकास के पथ पर अग्रसर है। उईके ने चिंता प्रकट करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, जैसी शारीरिक और मानसिक बीमारियां लगातार बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसे गंभीरता से लिया है और इसे एक वैश्विक चिंता माना है।
ऐसे कठिन दौर में योग करना अधिक आवश्यक बन जाता है। स्वस्थ्य जीवन के लिए योग जरूरी है। उन्होने योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और दैनिक जीवन में योग को अपनाने का आव्हान किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री उईके, मंत्री विजयवर्गीय, सांसद श्री लालवानी, संभागायुक्त डॉ खाड़े, कलेक्टर वर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन ने विद्यार्थियों के साथ सामूहिक योग कर स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया।





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