Saturday, June 13, 2026

हमारे स्किलिंग रिफार्म्स से हर युवा के लिए बेहतर अवसर पैदा होने चाहिए : जयन्त चौधरी


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी की अध्यक्षता में कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सारथी (स्ट्रेटेजिक एडवाइजरी एंड रिफॉर्म्स टास्कफोर्स फॉर हॉलिस्टिक आईटीआई ट्रांसफार्मेशन) की पहली बैठक आयोजित की। 

यह बैठक भारत के वोकेशनल ट्रेनिंग इकोसिस्टम को मजबूत और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दीर्घकालिक सुधारों को संस्थागत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इस बैठक को संबोधित करते हुए भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने कहा, सारथी व्यावसायिक शिक्षा को नए सिरे से सोचने और एक ऐसा आईटीआई इकोसिस्टम बनाने के हमारे सामूहिक संकल्प को दर्शाता है जो अधिक गतिशील, महत्वाकांक्षी और बदलते भारत के अवसरों के अनुरूप हो। पूरे देश में हम पहले से ही इनोवेशन और रिफॉर्म के आशाजनक उदाहरण देख रहे हैं। सारथी का उद्देश्य इन प्रयासों को जोड़ना, शेयर्ड लर्निंग को मुमकिन बनाना और सफल मॉडलों को पूरे भारत में बड़े पैमाने पर लागू करने में मदद करना है। आज की चर्चा ने इस बात को और मजबूत किया कि स्किलिंग रिफॉर्म्स को उभरते सेक्टर्स, इंडस्ट्री की डिमांड और सीखने वालों की उम्मीदों से करीब से जुड़ा रहना चाहिए। जैसे-जैसे भारत 'विकसित भारत' के विजन की ओर बढ़ रहा है, हमारा फोकस पॉलिसी को बड़े पैमाने पर लागू करने, पार्टनरशिप को मज़बूत करने और यह सुनिश्चित करने पर होना चाहिए कि हर युवा को उच्च-गुणवत्ता वाले, भविष्य के लिए तैयार अवसर मिलें।"

बैठक में हुई चर्चा में कई राज्यों के मंत्री शामिल हुए, जिनमें राजस्थान सरकार के उद्योग और वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार, युवा मामले और खेल, कौशल, रोजगार और उद्यमिता तथा सैनिक कल्याण विभाग के मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़; गुजरात सरकार के श्रम, कौशल विकास और रोजगार तथा ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया; तेलंगाना सरकार के श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण, कारखाने और खान एवं भूविज्ञान विभाग के माननीय मंत्री डॉ. जी. विवेक वेंकटस्वामी; और उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल शामिल हुए। इनके साथ ही वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और स्किलिंग इकोसिस्टम से जुड़े अन्य हितधारक भी मौजूद थे।

देश भर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को मज़बूत करने के लिए 'क्राफ्ट्समेन ट्रेनिंग स्कीम' (सीटीएस) के तहत सारथी को एक टॉप एडवाइज़री प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य हितधारकों के बीच व्यवस्थित बातचीत को बढ़ावा देना और साक्ष्यों पर आधारित नीतिगत चर्चाओं में मदद करना है। बैठक के दौरान, सदस्यों ने आईटीआई इकोसिस्टम की क्वालिटी, एक्सेसिबिलिटी और उभरते वर्कफोर्स व इंडस्ट्री की ज़रूरतों के प्रति इसकी प्रतिक्रिया क्षमता को बेहतर बनाने के मकसद से कई विषयों पर चर्चा की। चर्चा में संस्थागत परफॉर्मेंस और क्वालिटी एश्योरेंस को बेहतर बनाने, उत्कृष्टता और सीखने वालों की भागीदारी को बढ़ावा देने, असेसमेंट प्रोसेस को मज़बूत करने और दक्षता व पारदर्शिता बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने जैसे तरीकों पर चर्चा की गई।

सदस्यों ने वोकेशनल एजुकेशन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, नए और बेहतर तरीकों से शिक्षा तक पहुँच बढ़ाने और शिक्षा, स्किलिंग व रोज़गार के बीच मज़बूत रास्ते बनाने पर भी अपने विचार साझा किए। चर्चा में प्रैक्टिकल लर्निंग को बेहतर बनाने, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने, इंडस्ट्री के साथ जुड़ाव मज़बूत करने और आईटीआई में संस्थागत गवर्नेंस सिस्टम को बेहतर बनाने पर भी ज़ोर दिया गया। कुल मिलाकर, पूरी चर्चा में केंद्र, राज्यों और अन्य हितधारकों के बीच लगातार सहयोग के ज़रिए एक ज़्यादा समावेशी, भविष्य के लिए तैयार और नतीजों पर केंद्रित वोकेशनल ट्रेनिंग इकोसिस्टम बनाने की दिशा में साझा प्रतिबद्धता दिखाई दी।

इस अवसर पर कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की सेक्रेटरी देवश्री मुखर्जी; डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ ट्रेनिंग (डीजीटी) के डायरेक्टर जनरल (ट्रेनिंग) दिलीप कुमार; कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की इकोनॉमिक एडवाइजर अर्चना मायाराम; कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी एम. सुब्रमण्यम; एनसीवीईटी के एग्जीक्यूटिव मेंबर प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार गाबा; और कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार, राज्य सरकारों, डीजीटी, एनसीवीईटी, एनएसडीसी, यूजीसी और कौशल विश्वविद्यालयों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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