Friday, June 19, 2026

“सस्टेनेबल लाइब्रेरीज” पर सुभारती विश्वविद्यालय में व्याख्यान, एसडीजी लक्ष्यों से जोड़ी गई पुस्तकालय सेवाएं

सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका : श्रीमती पूनम त्यागी


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग द्वारा सस्टेनेबल लाइब्रेरीजः एलाइनिंग लाइब्रेरी सर्विसेज विद एसडीजीज विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में पुस्तकालयों की भूमिका एवं योगदान से अवगत कराना था। 


कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पूनम त्यागी, असिस्टेंट प्रोफेसर, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग, एचएलएम कॉलेज, गाजियाबाद उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने व्याख्यान में बताया कि वर्तमान समय में पुस्तकालय केवल ज्ञान एवं सूचना के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे समाज में सतत विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा सामाजिक समानता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से एसडीजी-12 (जिम्मेदार उपभोग एवं उत्पादन) को पुस्तकालयों के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए कहा कि पुस्तकालय संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, डिजिटलीकरण, ई-संसाधनों के विस्तार, पेपरलेस सेवाओं, रिसोर्स शेयरिंग तथा ग्रीन लाइब्रेरी प्रथाओं के माध्यम से इस लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। श्रीमती त्यागी ने विद्यार्थियों को बताया कि डिजिटल पुस्तकालय, संस्थागत रिपॉजिटरी तथा ई-जर्नल न केवल सूचनाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराते हैं, बल्कि कागज की खपत को कम करके पर्यावरणीय दबाव को भी घटाते हैं। 


उन्होंने कहा कि सतत पुस्तकालयों की अवधारणा केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग, ऊर्जा संरक्षण, जागरूकता निर्माण तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए ज्ञान संसाधनों के संरक्षण से भी जुड़ी हुई है। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रीन लाइब्रेरी, सतत पुस्तकालय सेवाओं, डिजिटल संसाधनों तथा एसडीजी के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य वक्ता ने विस्तार पूर्वक उत्तर दिया। संवादात्मक शैली में आयोजित यह सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम में संकायाध्यक्ष डॉ. सुधीर त्यागी ने अतिथि वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों को पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के उभरते आयामों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा उन्हें नवीन ज्ञान एवं शोध के प्रति प्रेरित करते हैं।


कार्यक्रम के अंत में डॉ. सपना शर्मा ने मुख्य वक्ता पूनम त्यागी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग के सभी शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. जावेद खान, डॉ. सपना शर्मा, डॉ. अल्पना, शालिनी त्यागी एवं भावना जोशी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने व्याख्यान में प्रस्तुत जानकारियों के प्रति विशेष रुचि दिखाई तथा विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम का सफल आयोजन विभाग की शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कुल मिलाकर यह व्याख्यान अत्यंत सफल, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा।

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