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Saturday, June 13, 2026

केजेपी को लेकर मुस्लिम पसोपेश में, मस्जिदों तक में चर्चाएं



सलीम सिद्दीकी

नित्य संदेश, मेरठ। नीट का पेपर लीक होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने अमेरिका से भारत आए कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य अभिजीत दीपके द्वारा जंतर मंतर पर 6 जून को आयोजित किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक हलचल पर फिलहाल ब्रेक तो लग गया है लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी अभी भी सोशल मीडिया पर रुक रुक कर ट्रेंड कर रही है। उधर दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन के सवाल पर मुस्लिम युवा पसोपेश में है। पार्टी का साथ दें या ना दें इसे लेकर कई मुस्लिम युवा अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। 

इस संबंध में जब हमने कुछ मुस्लिम युवाओं और परिवारों से बात की तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर शुरू में तो काफी उत्साहित थे लेकिन जैसे-जैसे मुस्लिम धर्मगुरुओं (उलेमा) द्वारा मुसलमानों को इस पार्टी के आंदोलन से फिलहाल दूर रहने की ताकीद की गई तो उसके बाद से वह असमंजस में हैं। उधर मेरठ शहर की कुछ मस्जिदों में अभी भी कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर चर्चाएं जारी है। विभिन्न नमाजों के दौरान कुछ मस्जिदों के इमाम नमाजियों के बीच इस पार्टी की कार्य प्रणाली को लेकर लगातार गुफ्तगू कर रहे हैं। दरअसल उलेमा द्वारा मुसलमानों को जो ताकीद की जा रही है उसमें कहा जा रहा है कि 'इस्लाम हमें न्याय के लिए खड़ा होना सिखाता है लेकिन खुद को नुकसान पहुंचाने और अराजकता से बचने की हिदायत भी देता है'। मस्जिदों में कुछ उलेमा आम मुसलमान से कह रहे हैं कि वह कॉकरोच जनता पार्टी से संबंधित किसी भी आंदोलन में शामिल होने से पहले स्वयं से कुछ सवाल करें। जैसे कि आंदोलन का उद्देश्य क्या है, आंदोलन शांतिपूर्ण होगा अथवा हिंसक हो सकता है, आंदोलन में शामिल होने से क्या-क्या लाभ अथवा हानि हो सकती है वगैरह वगैरह। 

बता दें कि पिछले शुक्रवार (जुमा) को मेरठ की कुछ मस्जिदों के अलावा दिल्ली के शाहीन बाग की एक मस्जिद में भी वहां के इमाम ने अपने संबोधन में मुस्लिम युवाओं से प्रदर्शनों में शामिल होने से पहले गंभीरता से सोचने की अपील की थी। मस्जिदों के इमामों के कहने का सार यह है कि एक्टिविज्म सिर्फ सड़कों पर उतरने का नाम नहीं है, क्योंकि वास्तविक बदलाव और आर्थिक प्रगति तो सामुदायिक कार्यों के माध्यम से ही संभव है। विभिन्न इमामों की मुसलमानों को स्पष्ट सलाह है कि वह कोई भी फैसला बुद्धिमत्ता, हिकमत और जिम्मेदारी के साथ लें। बता दें कि 6 जून को दिल्ली में आयोजित हुए प्रदर्शन से पूर्व व्हाट्सएप ग्रुपों से लेकर विभिन्न मस्जिदों के ग्रुपों, इंस्टग्राम रील्स और एक्स पोस्ट के जरिए मुस्लिम युवाओं को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से दूर रहने की नसीहत की गई थी।

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