Monday, June 8, 2026

अमेरिका में गूंजी निमाड़ी लोककथाओं की गूंज, डॉ. रेखा मंडलोई की दो पुस्तकें प्रदर्शित

नित्य संदेश ब्यूरो

​अमेरिका। विदेशी धरती पर निमाड़ अंचल की लोक संस्कृति और साहित्य ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है। अमेरिका में आयोजित प्रतिष्ठित "चोखी ढाणी लोकरंग कल्चरल फेस्टिवल" में शिक्षाविद व लेखिका डॉ. रेखा मण्डलोई “गंगा” की पुस्तकों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इस वैश्विक मंच पर उनकी चर्चित कृति ‘निमाड़ के रंग लोक कथाओं के संग’ और 'काव्य- गंगा' काव्य संग्रह को अंतरराष्ट्रीय पाठकों द्वारा खूब सराहा गया। इस गौरवमयी आयोजन की कमान लेखिका की सुपुत्री प्रतीक्षा और दामाद जिमित शाह ने संभाली।

साहित्य अकादमी भोपाल के निदेशक डॉ. विकास दवे ने "निमाड़ के रंग लोककथाओं के संग" नामक पुस्तक पर ऐतिहासिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि "यह कृति निमाड़ी संस्कृति को आने वाले 100 वर्षों तक जीवित रखेगी।" वहीं 'देवपुत्र' के प्रधान संपादक श्री कृष्ण कुमार अस्थाना ने इसे निमाड़ का 'गौरव-अध्याय' बताया था। 

मूलतः राजस्थान की बेटी और निमाड़ की बहू डॉ. रेखा मंडलोई को हाल ही में इस कृति के लिए 'श्री कला मोहन प्रेरणा सम्मान' (क्षेत्रीय भाषा लेखन) से भी नवाजा गया है। पूर्व में इसी कृति को मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा प्रथम कृति अनुदान योजना सम्मान से भी नवाजा गया था। प्रसिद्ध साहित्यकार हरीश दुबे सहित अंचल के प्रबुद्धजनों ने इस वैश्विक उपलब्धि पर डॉ. रेखा को बधाई देते हुए इसे संपूर्ण मध्य प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया है।

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