नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद शोध पीठ, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ की प्रोफेसर एवं संयोजिका प्रो. (डॉ.) मोनिका मेहरोत्रा जी को स्वामी विवेकानंद जी के विचारों एवं शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार, छात्रों एवं समाज को जागरूक करने, उच्च स्तरीय शिक्षण एवं शोध कार्यों के माध्यम से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने तथा संस्थान के शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित “स्वामी विवेकानंद समाज सुधारक पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान ऑनेस्ट फाउंडेशन, महर्षि गौतम फाउंडेशन एवं ऑर्निथोलॉजिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट संस्था द्वारा प्रदान किया गया। इस पुरस्कार का उद्देश्य उन व्यक्तित्वों को पहचानना और सम्मानित करना है जो समाज में शिक्षा, सेवा, नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक प्रभाव एवं स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रो. (डॉ.) मोनिका मेहरोत्रा ने अपने शैक्षणिक एवं शोध जीवन में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी वातावरण तैयार किया है। उन्होंने शिक्षा को केवल ज्ञान का माध्यम न मानकर उसे चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का सशक्त साधन बनाने का प्रयास किया है। उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने न केवल अकादमिक क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं, बल्कि सामाजिक मूल्यों और नैतिकता को भी आत्मसात किया है। स्वामी विवेकानंद जी के विचारों—विशेषकर “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”—को उन्होंने अपने शिक्षण और कार्यशैली का आधार बनाया है।
स्वामी विवेकानंद शोध पीठ के माध्यम से प्रो. (डॉ.) मोनिका मेहरोत्रा निरंतर ऐसे शैक्षणिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रही हैं जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज के बीच स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है। उनके नेतृत्व में अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, वर्कशॉप, पैनल डिस्कशन, क्विज प्रतियोगिताएँ एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियां सफलतापूर्वक आयोजित की जाती रही हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, आलोचनात्मक चिंतन, नैतिक मूल्य एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाता है।
इस प्रतिष्ठित सम्मान के माध्यम से उनके कार्यों को न केवल सराहना मिली है, बल्कि यह भी सिद्ध हुआ है कि शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में किया गया समर्पित कार्य समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। यह पुरस्कार उन सभी व्यक्तित्वों को प्रेरित करने का माध्यम है जो अपने कार्यों के माध्यम से समाज में सुधार एवं विकास की दिशा में योगदान दे रहे हैं।
पुरस्कार प्राप्त करते समय प्रो. (डॉ.) मोनिका मेहरोत्रा अत्यंत भावुक एवं गौरवान्वित महसूस कर रही थीं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे सदैव स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों एवं शिक्षाओं पर चलती रहेंगी तथा अपने शैक्षणिक एवं सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज और विद्यार्थियों के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करती रहेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व तैयार करना है जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति महोदय प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा जी एवं रजिस्ट्रार महोदय, जी.पी कैप्टन एम याकूब तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने एवं शुभचिंतकों ने डॉ. मोनिका मेहरोत्रा को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वह आगे भी शिक्षा, शोध और समाजसेवा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करती रहेंगी।
यह सम्मान न केवल प्रो. (डॉ.) मोनिका मेहरोत्रा की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह सम्पूर्ण शैक्षणिक समुदाय एवं संस्थान के लिए गर्व का विषय है। यह उनके अथक परिश्रम, समर्पण, नेतृत्व क्षमता एवं समाज के प्रति उनकी सेवा भावना का प्रतीक है। यह उपलब्धि आने वाले समय में अन्य शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगी कि वे स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को अपनाते हुए शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दें।

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