नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। 200 रुपए का नकली नोट चलाने की कोशिश एक युवक को भारी पड़ गई। रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता से आरोपी मौके पर ही पकड़ लिया गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद मामले के मास्टर माइंड और उसके साथी को भी गिरफ्तार कर लिया। मास्टर माइंड से करीब 44 हजार रुपए के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन बरामद की गई है।
गांधी नगर थाना प्रभारी अनिल यादव के मुताबिक, 25 जून को राजनगर निवासी यशवंत यादव अपने सांवरिया रेस्टोरेंट पर मौजूद थे। इसी दौरान एक युवक चाय-नाश्ता करने के बाद 200 रुपए का नोट देकर भुगतान करने लगा। नोट देखते ही यशवंत को उस पर शक हुआ। उन्होंने कर्मचारी आशीष चौहान की मदद से युवक को रोक लिया और पुलिस को सूचना दे दी।
पकड़े गए युवक ने अपना नाम दीपक पटेल और पता अटाहेड़ा (देपालपुर) बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से 4 हजार रुपए के नकली नोट और मिले। पूछताछ में दीपक ने बताया कि उसे ये नकली नोट सिंगापुर टाउनशिप में रहने वाले संजय पुत्र महेश वैष्णव ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने संजय को गिरफ्तार किया। तलाशी में संजय के पास से करीब 40 हजार रुपए के नकली नोट और नोट छापने की प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस के अनुसार, संजय ने दीपक को बाजार में नकली नोट चलाने के लिए दिए थे।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी संजय वैष्णव पहले भी नकली नोट के मामले में पकड़ा जा चुका है। इसे खंडवा एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से यही अवैध कारोबार शुरू कर दिया। अब पुलिस उसके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों की भी जांच कर रही है। पुलिस ने संजय के साथ रवि को भी पकड़ा है।
पुलिस ने संजय, दीपक और रवि नाम के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह का मास्टर माइंड सिंगापुर टाउनशिप में किराए से कमरा लेकर नकली नोट छापता था। मास्टर माइंड को खंडवा एसटीएफ ने पहले भी पकड़ा था, लेकिन जेल से छूटने के बाद वह वही काम करने लगा।


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