Friday, June 19, 2026

3 मुहर्रम को शहर के सभी इमामबाड़ों में जारी रहा इमाम हुसैन (अ.स. ) का गम



डा. इफ्फत जकिया

नित्य संदेश, मेरठ। इमामबारगाह छोटी कर्बला में मोहर्रम  के पहले अशरे को खिताब करते हुए खतीब ए अहले बैत ( अ.स.  ) मौलाना सैयद अब्बास बाकरी ने "इमामत,  ईलाही निज़ाम -ए- हयात" शीर्षक के तहत  लोगों को संबोधित करते हुए कहा   "इमामत में विश्वास शिया मुसलमानों की एक बुनियादी पहचान है। उन्होंने कहा कि शिया हज़रत अली (अ.स) को बिला फ़स्ल  पैगंबर हज़रत मौहम्मद (स.अ.) के बाद उम्मत का इमाम और खलीफा मानते हैं, क्योंकि हुजूर नें अपनी  मुबारक ज़िंदगी के आखिरी दिनों में, अलविदाई हज से लौटते समय, ग़दीर के मैदान में मुस्लमानों की  बड़ी संख्या के सामने, अल्लाह तआला के हुक्म से, हज़रत अली (अ.स) को अपना  वारिस और  खलीफा  बनाया  था। " 

मजलिस के आखिर में, मौलाना सैयद अब्बास बाक़री  ने इमाम हुसैन (अ.स) के काफले के कर्बला की ज़मीन पर पहुंचनें कें बाद के  दर्दनाक हालात बयान किये , जिन्हें सुनकर लोग फूट-फूट कर रो पड़े।" मजलिस में सोज़ख्वानी दारैन ज़ैदी ने की । नमाज़ ज़ौहरैन के बाद अज़ाखाना शाह कर्बला वक्फ़ मंसबिया में मौलाना मुज़फ़्फ़र हुसैन ज़ैदी ने अपनें शीर्षक "इमामत और कुरान" के तहत मजलिस को संबोधित किया। मजलिस में मौलाना ने हज़रत मुस्लिम की दर्दनाक शहादत बयान की। मजलिस में मौजूद सभी अजादार फूट-फूट कर रोए और हज़रत फ़ातिमा ज़हरा को हज़रत मुस्लिम का पुरसा दिया।  मजलिस में सोज़ख्वानी  दानिश मेरठी ने  की। शहर के दूसरे इमामबाड़ों में भी निर्धारित समय पर मजलिस और मातम जारी रहा। नमाज़  मगरिबैन के बाद  ज़ाहिदियान स्थित इमामबाड़े से ज़ुल्जनाह का जुलूस निकला। इस जुलूस के आयोजक सैयद यूसुफ़ अली ज़ैदी और हाजी शमशाद अली ज़ैदी थे। जुलूस देर रात हाजी शमशाद अली के घर पहुँचकर समाप्त हुआ। शहर की सभी मातमी अंजुमनों ने नौहा ख्वानी और मातम किया । मुहर्रम कमेटी की मीडिया इंचार्ज डॉ. इफ्फत जकिया ने बताया कि कल दिल्ली गेट थाना  स्थित डॉ. इकबाल हुसैन के अजाखाने से मजलिस के बाद जुलूस -ए - अलम निकाला जाएगा, जो इमामबारगाह छोटी कर्बला पहुंच कर  खत्म होगा।

No comments:

Post a Comment