Friday, May 29, 2026

मित्र मेला कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत संगठन मंत्री खगेन्द्र भार्गव बोले — वीर सावरकर का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और क्रांति का सर्वोच्च उदाहरण

नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। मित्र मेला द्वारा वीर सावरकर जयंती के अवसर पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के पत्रकारिता विभाग (SJMC) में “Narrative War” के युग में वीर सावरकर का हिंदुत्व दर्शन” विषय पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक चेतना एवं भारतीय स्वाभिमान से जुड़े विषयों पर गंभीर एवं प्रेरणादायी चर्चा हुई।


कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुख्य न्यायाधीश एवं पूर्व राज्यपाल श्री वी. एस. कोकजे जी ने की। मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत के संगठन मंत्री श्री खगेन्द्र भार्गव जी रहे। मंच पर संस्था के कोषाध्यक्ष अक्षय राजपूत उपस्थित रहे।


अपने ओजस्वी उद्बोधन में श्री खगेन्द्र भार्गव जी ने कहा कि वीर सावरकर का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रवाद का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सावरकर केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि एक विचार, चेतना और क्रांति के प्रतीक थे। उन्होंने सबसे पहले रानी विक्टोरिया के जन्मोत्सव का विरोध कर अंग्रेजी शासन को खुली चुनौती दी थी। उनके विचारों और लेखनी ने युवाओं में स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति की ऐसी अलख जगाई कि देशभर में क्रांति की लहर उठ खड़ी हुई।

उन्होंने कहा कि सावरकर ने सदैव हिंदुत्व को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के रूप में देखा और भारतीय समाज को संगठित करने का कार्य किया। आज जब देश वैचारिक संघर्ष और “Narrative War” के दौर से गुजर रहा है, तब सावरकर के विचार युवाओं को दिशा देने का कार्य कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित, स्वाभिमान और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने जीवन में सावरकर के विचारों को आत्मसात करें।


श्री भार्गव ने यह भी कहा कि राजनीतिक कारणों से वीर सावरकर को वह सम्मान लंबे समय तक नहीं मिला जिसके वे वास्तविक अधिकारी थे, किंतु आज देश का युवा वर्ग उनके विचारों और योगदान को समझ रहा है। सावरकर का जीवन संघर्ष, त्याग और आत्मसम्मान की प्रेरणा देता है।


अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री वी. एस. कोकजे जी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति ही उसकी सबसे बड़ी पहचान है और युवाओं को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों से नहीं, बल्कि जागरूक और संस्कारित युवाओं से होता है।


संस्था परिचय एवं कार्यक्रम परिचय कुणाल भावर ने रखा। अतिथि परिचय आदित्य सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि कार्यक्रम का संचालन विनय यादव ने किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रबुद्धजन एवं राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े नागरिक उपस्थित रहे। अंत में संस्था की ओर से संस्था अध्यक्ष गोविन्द बैस द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।

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