नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के अंतर्गत केरल वर्मा सुभारती कॉलेज ऑफ साइंस के फॉरेंसिक साइंस विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब, निवाड़ी, मोदीनगर (उत्तर प्रदेश) का एक ज्ञानवर्धक एवं अनुभवात्मक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को फोरेंसिक विज्ञान के व्यावहारिक पहलुओं, आधुनिक तकनीकों तथा प्रयोगशाला प्रक्रियाओं से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना था। इस शैक्षणिक भ्रमण में विभाग के 33 विद्यार्थियों एवं 3 फैकल्टी सदस्यों ने सहभागिता की।
भ्रमण के दौरान विभागाध्यक्ष एस्थर लालरिंगजो, प्रीति यादव एवं प्रगति जैन विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहीं तथा उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। फॉरेंसिक साइंस लैब पहुँचने पर विद्यार्थियों का स्वागत प्रयोगशाला अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा किया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों को प्रयोगशाला के विभिन्न अनुभागों का विस्तृत भ्रमण कराया गया। विद्यार्थियों ने बैलिस्टिक डिवीजन में हथियारों एवं गोली से संबंधित साक्ष्यों की जांच प्रक्रिया को निकटता से समझा, वहीं फिजिक्स डिवीजन में विभिन्न भौतिक साक्ष्यों के वैज्ञानिक विश्लेषण की तकनीकों का अवलोकन किया। साइबर फोरेंसिक अनुभाग में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों की जांच, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण एवं डेटा रिकवरी की अत्याधुनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को लाइव केस स्टडी के माध्यम से यह समझाया गया कि वास्तविक मामलों में किस प्रकार साक्ष्यों का संग्रहण, संरक्षण एवं परीक्षण किया जाता है। साथ ही “चेन ऑफ कस्टडी” की प्रक्रिया, प्रयोगशाला में अपनाए जाने वाले SOPs (Standard Operating Procedures), अत्याधुनिक उपकरणों की कार्यप्रणाली तथा फॉरेंसिक विज्ञान में उपलब्ध भविष्य की करियर संभावनाओं पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया, जिससे उनके व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। फॉरेंसिक साइंस लैब, निवाड़ी, मोदीनगर के जॉइंट डायरेक्टर महोदय द्वारा विद्यार्थियों को प्रयोगशाला भ्रमण की अनुमति प्रदान की गई तथा विभिन्न फॉरेंसिक अनुभागों से संबंधित महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारियाँ उपलब्ध कराई गईं, जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यप्रणाली को निकटता से समझने का अवसर मिला। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक एवं अनुभवात्मक सिद्ध हुआ।
इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के अकादमिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा उन्हें भविष्य में एक कुशल फॉरेंसिक विशेषज्ञ बनने के लिए प्रेरित करती हैं। शैक्षिक यात्रा के सफल आयोजन पर विज्ञान महाविद्यालय के डीन प्रो. (डॉ.) आर. के. जैन एवं माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा ने विभाग एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ प्रदान करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं व्यावसायिक दक्षता को नई दिशा प्रदान करते हैं।

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