Friday, May 15, 2026

सुभारती विश्वविद्यालय में “उद्यमिता और करियर कम्पास” जागरूकता सत्र आयोजित, छात्रों को आत्मनिर्भरता और नवाचार का मिला मंत्र


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के शिक्षा संकाय अंतर्गत शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालय उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ (EDC Cell) एवं विश्वविद्यालय करियर परामर्श प्रकोष्ठ (CCCU) के संयुक्त सहयोग से उद्यमिता और करियर कम्पास: एक जागरूकता सत्रका सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। 


कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता, करियर नियोजन, रोजगार क्षमता एवं नवाचार के प्रति जागरूक करना था, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें। यह प्रेरणादायी सत्र विशेषज्ञ वक्ता डॉ. अनोज राज के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिन्होंने अपने ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को कैरियर निर्माण, स्वरोजगार एवं नेतृत्व क्षमता के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDG-4, SDG-8 एवं SDG-9) के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सम्मानजनक रोजगार तथा नवाचार आधारित विकास पर विशेष बल दिया गया।


अपने संबोधन में डॉ. अनोज राज ने विद्यार्थियों को पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे बढ़कर उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री ही नहीं
, बल्कि कौशल, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और समस्या-समाधान की योग्यता भी सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने छात्रों को पेशेवर विकास, रोजगार क्षमता कौशल, संचार दक्षता एवं निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। सत्र के दौरान व्यावहारिक उदाहरणों, संवादात्मक चर्चाओं एवं प्रेरणादायी अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, रचनात्मकता तथा सकारात्मक उद्यमशीलता दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध करियर एवं उद्यमशीलता अवसरों को समझने में गहरी रुचि दिखाई।



विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि नवाचार और नेतृत्व केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचियों, प्रतिभाओं और क्षमताओं के अनुरूप करियर विकल्पों की खोज करने तथा आत्म-विकास की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के बीच करियर जागरूकता बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा उद्यमशील सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सक्रिय सहभागिता और विचार-विमर्श के माध्यम से छात्रों के संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता एवं रोजगार योग्यता में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली।



यह कार्यक्रम शिक्षा संकाय के शिक्षा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. भुवनेश शर्मा एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रीबा देवी के समग्र पर्यवेक्षण एवं समन्वय में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन अवसर पर शिक्षा विभाग में EDC Cell एवं करियर काउंसलिंग सेल के समन्वयक तथा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. भुवनेश शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए विशेषज्ञ वक्ता, संकाय सदस्यों, आयोजन समिति एवं सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता सत्र विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं उज्ज्वल भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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