नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद अब इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने निर्णय लिया है कि वे अब हफ्ते में एक दिन आवागमन के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे और 'नो कार डे' (No Car Day) के संकल्प का पालन करेंगे।
इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से जनता से भी यही अपील की है कि वे सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें।
पेट्रोल-डीजल की कम खपत पर जोर
महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए देश की जनता से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रयोग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग और डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने का आह्वान किया है। उन्होंने आगे कहा, "यह कदम एक बार फिर इस बात को सिद्ध करता है कि पिछले तीन सालों से इंदौर 'नो कार डे' के माध्यम से पूरे देश को लगातार यही संदेश देता आ रहा है।"
महापौर ने जनता से आग्रह किया कि हम सभी यथासंभव कारपूलिंग करें, हफ्ते में एक दिन 'नो कार डे' मनाएं और सार्वजनिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं। उन्होंने स्वयं भी इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया है।
क्यों जरूरी है यह कदम?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्पष्ट किया था कि वर्तमान समय में पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग कम करना अनिवार्य है। वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्धों के कारण दुनियाभर में ईंधन के दाम कई गुना बढ़ गए हैं, जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
पीएम मोदी की 5 बड़ी बातें: देशहित में जनता से सहयोग की अपील
- पेट्रोल-डीजल बचाएं और कारपूलिंग करें—अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें। मेट्रो में सफर करें और कारपूलिंग को बढ़ावा दें ताकि एक ही वाहन में ज्यादा लोग सफर कर सकें।
- एक साल तक सोना न खरीदने की अपील—सोने के आयात में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। देश की आर्थिक मजबूती के लिए इसमें सहयोग करें।
- खाद्य तेल की खपत कम करने पर जोर—यदि हर परिवार खाद्य तेल का इस्तेमाल थोड़ा कम करे, तो इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और लोगों की सेहत भी बेहतर रहेगी।
- प्राकृतिक खेती अपनाएं—देश को रासायनिक उर्वरकों की खपत आधी करने का लक्ष्य रखना चाहिए और तेजी से प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाना चाहिए।
- विदेश यात्राएं टालने की अपील—वैश्विक हालात और महंगे ईंधन के कारण भारत पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में शादियों या छुट्टियों के लिए विदेश यात्रा कुछ समय के लिए टालना देशहित में होगा।

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