Tuesday, May 12, 2026

यूपी मिशन-2027: कांग्रेस सर्वे के आधार पर तय करेगी रणनीति

-तकरीबन 160 सीटों को पार्टी के हिसाब से किया शॉर्टलिस्ट, तीन कैटेगरी में बांटा

सलीम सिद्दीकी 
नित्य संदेश, मेरठ। अगले वर्ष होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए विभिन्न पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन चुनावों को लेकर कांग्रेस ने एक सर्वे करवाया है, जिसमें तकरीबन 160 सीटों को पार्टी के हिसाब से शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद इन सभी 160 सीटों को तीन कैटेगरी में बांटा गया है।

प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि इन तीनों कैटेगरी में जीत की संभावना वाली सीटों को 'विनेबिलिटी' के साथ ए केटेगरी में शामिल किया गया है। सपा के साथ गठबंधन और सामाजिक समीकरण को बी कैटिगरी मैं शामिल किया गया है। इसके अलावा कांग्रेस और सपा दोनों के लिए 'बंजर' सीटों को लेकर भी व्यापक विश्लेषण किया गया है, यानि कि जिस सीट पर पिछले चुनावों में दोनों दल कमजोर स्थिति में रहे, उन्हें सी कैटिगरी में डाला गया है। उधर, पार्टी से जुड़े विश्वस्त सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अंदरखाने इस बात की तैयारी में भी जुट गई है कि जब सीटों के तालमेल को लेकर बातचीत हो तो आंकड़ों और सामाजिक समीकरणों का जोड़ तोड़ और जमीनी हकीकत का पूरा फीडबैक उसके पास हो। दरअसल, कांग्रेस चाहती है कि प्रदेश के हर बड़े जिले में कम से कम दो और छोटे जिले में एक उम्मीदवार को विधानसभा चुनाव में उतारा जाए।

कैंट और दक्षिण पर कांग्रेस का फोकस
सूत्रों के अनुसार, पार्टी हाई कमान समाजवादी पार्टी से गठबंधन होने पर मेरठ में कम से कम दो सीटों (कैंट एवं दक्षिण) पर जोरदार दावेदारी के मूड में है। कैंट का राजनीतिक समीकरण भी समाजवादी पार्टी के पक्ष में नहीं जाता, क्योंकि पार्टी यहां कभी भी चुनाव नहीं जीती है। लिहाजा इसी आधार पर कांग्रेस गठबंधन की स्थिति में सपा से यह सीट अवश्य चाहेगी। हालांकि, कैंट में कांग्रेस के पास कोई दमदार चेहरा तो नहीं है, लेकिन फिर भी चर्चा है कि पार्टी कैंट सीट पर पूरा जोर लगाएगी। भले ही उसे आयातित प्रत्याशी (कोई बाहरी नेता) अथवा सेलिब्रिटी को ही चुनाव क्यों न लड़वाना पड़े। 

कैंट सीट पर दयानंद गुप्ता के संपर्क के कुछ लोगों के साथ-साथ पूर्व विधायक हरेंद्र अग्रवाल के बेटे अर्पित अग्रवाल का नाम भी चर्चाओं में है। मेरठ दक्षिण सीट की चाह में भी कांग्रेस रोड़ा अटका सकती है। हालांकि गठबंधन की स्थिति में समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर कांग्रेस को यह सीट नहीं देना चाहेगी। क्योंकि यहां सपा के आदिल चौधरी ने दमदार तरीके से चुनाव लड़ा है।

केरल और तमिलनाडू के परिणाम से उत्साहित है कांग्रेस
सूत्रों के अनुसार, पार्टी सिवाल खास सीट पर भी दावा ठोकने के मूड में है। यदि किसी तरह पार्टी को दक्षिण अथवा सिवाल में से कोई एक मिल भी जाए तो पार्टी यहां किसी मुस्लिम चेहरे को आजमा सकती है। कांग्रेस के पास यहां पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. यूसुफ कुरैशी का परिवार है। दरअसल, जमीयत उलेमा ए हिंद और जमीयत उल कुरैश के साथ-साथ यूसुफ कुरैशी परिवार के पास स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी यादें भी हैं, जो उनके पक्ष को मजबूत करती हैं। 

हालांकि कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगों का यह भी मानना है कि कांग्रेस को मेरठ में कैंट के अलावा कोई दूसरी सीट मिलना मुश्किल है और कैंट में पार्टी किसी वैश्य या पंजाबी को चुनाव लड़वा सकती है, लिहाजा युसूफ कुरैशी पक्ष धौलाना (हापुड़) गढ़मुक्तेश्वर या फिर बिजनौर अथवा बुलंदशहर में किसी सीट पर चुनावी बिसात बिछा सकता है। कुल मिलाकर सीटों का बंटवारा और टिकट वितरण अभी दूर की कौड़ी है, लेकिन केरल और तमिलनाडु से उत्साहित कांग्रेस ने मिशन यूपी के लिए गोटियां फिट करनी शुरू कर दी हैं।

No comments:

Post a Comment