नित्य संदेश ब्यूरो
भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संवाहक गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा है।
बच्चों के कोमल मन में उत्तम संस्कारों का बीजारोपण करने के उद्देश्य से प्रवासी चेतना, मुंबई द्वारा ऑनलाइन “रामचरित मानस चौपाई प्रतियोगिता” का आयोजन किया जा रहा है।
अंतिम तिथि: 30 मई 2026
बाल वर्ग (5–8 वर्ष)
हनुमान जी की महिमा पर आधारित कोई भी 2 चौपाई
किशोर वर्ग (9–12 वर्ष)
श्रीराम जी की महिमा पर आधारित कोई भी 4 चौपाई
कैसे भाग लें?
बच्चे अपना वीडियो (स्पष्ट उच्चारण के साथ) रिकॉर्ड करके व्हाट्सएप ग्रुप या नीचे दिए गए नंबर पर भेजें।
उदाहरण
बाल वर्ग :-
"जामवंत के बचन सुहाए। सुनि हनुमान हृदय अति भाए॥
तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई। सहि दुखु कंद मूल फल खाई॥"
किशोर वर्ग :-
"जब तें रामु ब्याहि घर आए। नित नव मंगल मोद बधाए॥
भुवन चारिदस भूधर भारी। सुकृत मेघ बरषहि सुख बारी॥"
पुरस्कार :-
सभी भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र (Certificate), रामचरितमानस ग्रंथ एवं
चयनित प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र के साथ नगद राशि प्रदान की जाएगी।

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