Friday, April 10, 2026

कई दिनों तक वेंटिलेटर पर भर्ती मरीजों (बाल रोग) को किया स्वस्थ

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। LLRM Medical College के बाल रोग विभाग में कई दिनों तक वेंटिलेटर पर भर्ती मरीजों को किया स्वस्थ, चिकित्सकों ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। जनपद बिजनौर निवासी 6 वर्षीय बालक एवं जनपद रामपुर निवासी 7 वर्षीय बालक को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों ही बच्चों की स्थिति अत्यंत नाजुक थी, जहां वे शॉक एवं Respiratory Failure (श्वसन विफलता) से ग्रसित थे तथा उनके चारों अंगों में शक्ति शून्य पाई गई।

विस्तृत जांच के उपरांत दोनों बच्चों को Guillain-Barré Syndrome (जीबीएस) से ग्रसित पाया गया। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए दोनों बच्चों को बाल गहन चिकित्सा इकाई *(PICU)* में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। 7 वर्षीय बालक लगभग 29 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहा और 6 वर्षीय बालक लगभग 44 दिनों तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहा। बार-बार एक्सट्यूबेशन में असफलता के कारण दोनों बच्चों की ट्रेकियोस्टॉमी की गई, जिसे ईएनटी विभाग के विभगाध्यक्ष डॉ विनीत शर्मा एवं सहायक आचार्य डॉ. प्रांकुल द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया, जिससे उनकी श्वसन स्थिति को स्थिर किया जा सका। लंबे समय तक दोनों बच्चों की स्थिति नाजुक बनी रही, किन्तु चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ के निरंतर प्रयास, समर्पण एवं उच्च स्तरीय देखभाल के परिणामस्वरूप उपचार जारी रखा गया। बच्चों की दृढ़ इच्छाशक्ति और चिकित्सकीय टीम के अथक प्रयासों से अंततः उन्होंने इस बीमारी पर विजय प्राप्त की।

7 वर्षीय बालक को लगभग 47 दिनों के उपचार के बाद और 6 वर्षीय बालक को लगभग 62 दिनों के उपचार के बाद पूर्णतः स्थिर अवस्था में सफलतापूर्वक डिस्चार्ज कर दिया गया। इस सफल उपचार में बाल रोग विभाग की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। दोनो मरीजो के इलाज में विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुपमा वर्मा, डॉ आएशा सैफी, सहायक आचार्य के मार्गदर्शन में सहायक आचार्य डॉ. तूबा, वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. देवांश, डॉ आकाश, जूनियर रेजिडेंट्स डॉ. लतीफ, डॉ. सिंथिया एवं डॉ. प्राची डॉ. वंदना, डॉ. नितेश का विशेष योगदान रहा डॉ अनु एवम डॉ स्नेहा की भूमिका सराहनीय रही। साथ ही नर्सिंग स्टाफ के समर्पण एवं अथक प्रयासों से इन दोनों जटिल मामलों में सफलता संभव हो सकी। बच्चों के माता-पिता ने विभगा और अस्पताल प्रशासन का धन्यवाद किया।

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