Saturday, April 18, 2026

“पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय” कार्यक्रम का आयोजन किया

 

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। उत्तर प्रदेश जन भवन के निर्देशानुसार, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद तथा राजा महेंद्र प्रताप पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में “नारी शक्ति वंदन” श्रृंखला के अंतर्गत पुस्तकालय प्रांगण में “पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला द्वारा किया गया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने पुस्तकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आधुनिक युग में गूगल और विकिपीडिया जैसे डिजिटल माध्यमों से हमें त्वरित सूचना तो प्राप्त हो जाती है, किंतु वास्तविक ज्ञान, गहराई और चिंतनशील दृष्टि केवल पुस्तकों के अध्ययन से ही विकसित होती है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें न केवल जानकारी का स्रोत हैं, बल्कि वे व्यक्ति के व्यक्तित्व, मूल्यबोध और आलोचनात्मक सोच को भी परिपक्व बनाती हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे डिजिटल साधनों का उपयोग करें, लेकिन पुस्तकों से जुड़ाव बनाए रखें, क्योंकि यही उनके बौद्धिक विकास का सशक्त आधार है।

कार्यक्रम संयोजक प्रो. जमाल अहमद सिद्दीकी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चैटजीपीटी और गूगल जैसी तकनीकों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ज्ञान अर्जन के तरीके बदल रहे हैं। इसके बावजूद पुस्तकों का महत्व आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना एक सदी पहले था। उन्होंने कहा कि तकनीक हमें सुविधा और गति देती है, लेकिन पुस्तकों से प्राप्त ज्ञान हमें गहराई, संवेदनशीलता और विवेक प्रदान करता है। पुस्तकें ही वह माध्यम हैं जो समाज और संस्कृति के स्थायी मूल्यों को संरक्षित करती हैं। कार्यक्रम में रमाकांत, संजीव कुमार शर्मा, गुलाब सिंह रूहाल, निधि चौधरी, श्वेता शर्मा, देवेंद्र कुमार, बाबू राम, सुमन लता, विजय लक्ष्मी एवं दीपक शर्मा सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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