Thursday, April 30, 2026

गज़ल: राम नाम का नूर

 

नित्य संदेश 

राम नाम का नूर

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ज़िन्दगी का ख़ूबसूरत नाम राम

आप ही के नाम सुब्ह ओ शाम राम


घी के दीपक, धूप, चन्दन, फूल, हार

ले के आऊॅंगा  अयोध्या धाम राम


आप के दर्शन को अब तो आएगा

एक इक बच्चा अयोध्या धाम राम


आप से हैं रौनक ए दुनिया मिरी

बन रहे हैं आप से हर काम राम


आस्माँ, सूरज, सितारें माहताब

हर जगह पर आप ही का नाम राम


आप के पग जिस जगह पर भी पड़  गए

आज मेला है लगा उस गाम राम


तैरतें हैं आज भी सागर में नूर

जिस भी पत्थर पर लिखा है नाम राम

गज़लकार - कमलेश नूर, भोपाल


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