ज्ञान, साहित्य एवं समृद्ध भारतीय संस्कृति के अनूठे संगम ’’हस्तिनापुर साहित्य सम्मेलन-2026’’ का हुआ आयोजन
अर्जुन देशवाल
नित्य संदेश बहसूमा। हस्तिनापुर की ऐतिहासिक धरा पर श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हस्तिनापुर साहित्य महोत्सव-2026 का रविवार को अत्यंत गरिमामय एवं भव्य रूप में शुभारंभ हुआ। महाभारत कालीन इस प्राचीन नगरी में सजे साहित्यिक महाकुंभ ने ज्ञान, संस्कृति और विचारों का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
बहसूमा रियासत हस्तिनापुर द्वारा आयोजित हस्तिनापुर साहित्य उत्सव अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में धूमधाम से मनाया गया। उद्घाटन सत्र के अवसर पर आत्मबोध से ’’विश्वबोध’’ विषय पर व्याख्यानमाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान रहें। आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि हस्तिनापुर भारत के प्राचीन विरासत तथा आत्मबोध से विश्वबोध का संवाहक है। भारत के प्राचीन नगरी हस्तिनापुर में प्रथम बार आयोजित हस्तिनापुर साहित्य उत्सव साहित्य कला और संस्कृति का आधार बनेगा, उन्होंने हस्तिनापुर के प्राचीन इतिहास पर प्रकाश डालते हुए हस्तिनापुर की बहसूमा रियासत के वैभवशाली इतिहास को आधुनिक इतिहास का गौरव कहा तथा महाराजा जैता सिंह नागर से लेकर राजा नैन सिंह गुर्जर तक के समय को याद करते हुए मुगल काल के संघर्ष व 1857 की क्रांति में उनके योगदान का स्मरण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी कर्मवीर महाराज ने की। कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि/वक्ता के रूप में श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी ने हस्तिनापुर को भारतीय सभ्यता एवं धर्म संस्कृति का स्तम्भ बताया। मुम्बई से आई विख्यात लेखिका डा. वैदेही तामण ने उत्सव का बीज वक्तव्य प्रस्तुत किया।
इन पुस्तकों का किया गया विमोचन
कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन
किया गया, जिनमें डा. यतीन्द्र कटारिया विद्यालंकार द्वारा लिखित ’’हस्तिनापुर, कल,
आज और कल’’ तथा आदर्श कुमार जैनर द्वारा लिखित ’’अनुभूति, डा. वैदेही तामण द्वारा लिखित
वीर सावरकर व सुरेन्द्र सिंह द्वारा लिखित उजाले की ओर प्रमुख रहीं। इस कृतियों के
माध्यम से हस्तिनापुर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और समकालीन स्वरूप को उजागर किया गया,
साथ ही साहित्यिक चेतना को नई दिशा प्रदान की गई।
इन्होंने किए अपने विचार व्यक्त
समग्र रूप से यह साहित्य उत्सव में मुख्य रूप से रजा लाईबे्ररी
रामपुर के निदेशक डा. पुष्कर मिश्रा, आईएएस लेखक कुमार, प्रोफेसर पुरूषोत्तम पाटील,
प्रोफेसर लहरी राम मीणा, डा. प्रवीन सरस्वत, कुंवर दवेन्द्र सिंह, गुर्जर सतीश कुमार,
अशोक कुमार, महेश पांडे बजरंग, अशोक चैधरी, अरविंद भाटी, महाकवि देवेंद्र देव, मिर्जापुर
एमएलसी पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सांसद चंदन चैहान, नितिन पोसवाल, कुलदीप नागर, आदेश
कटारिया, प्रोफेसर बलजीत श्रीवास्तव, निरूपमा अग्रवाल आदि द्वारा विचार व्यक्त किए
गए। आयोजन के लिए वेंक्टेरश्वरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कृष्णकान्त दवे, समूह
के वित्तीय सलाहकार सीए युवराज सिंह, कुलसचिव पीयूष कुमार पाण्डेय, मेरठ परिसर निदेशक
डा. पंकज, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि ने बधाइयां प्रेषित की।

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