नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के सुभारती पॉलिटेक्निक कॉलेज के पूर्व छात्र संघ द्वारा “पूर्व छात्र सम्मेलन 2026” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसा सशक्त मंच तैयार करना था, जहां पूर्व छात्र अपने पेशेवर अनुभव साझा कर सकें तथा वर्तमान विद्यार्थियों को कैरियर योजना, रोजगार अवसरों और कौशल विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान कर सकें। सम्मेलन में विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में पूर्व छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूर्व छात्रों से पुनः संपर्क स्थापित करने, उनकी उपलब्धियों का सम्मान करने तथा विश्वविद्यालय से उनके निरंतर जुड़ाव का उत्सव मनाने के उद्देश्य से इस वार्षिक आयोजन का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो.(डॉ.) शल्या राज ने अपने संदेश में कहा कि पूर्व छात्र किसी भी शिक्षण संस्थान की अमूल्य धरोहर होते हैं। उनकी उपलब्धियां विश्वविद्यालय की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करती हैं। विद्यार्थियों को पूर्व छात्रों के अनुभवों से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए सम्मेलन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।
कार्यक्रम का संचालन एवं शुभारंभ प्रो. (डॉ.) सुभाष चंद्र तिवारी प्रधानाचार्य के निर्देशन में हुआ। इस दौरान विभागाध्यक्षों के साथ इंजीनियर कुंवर आरिफ अली, इंजीनियर रीना सिंह और इंजीनियर रितु शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, की पूर्व छात्र विश्वविद्यालय की असली रीढ़ हैं और इसकी प्रगति, प्रतिष्ठा और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। सम्मेलन में संवादात्मक सत्र, मनोरंजक खेल और रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनका सभी प्रतिभागियों ने भरपूर आनंद लिया। पूर्व छात्रों ने अपने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए रोजगार के अवसरों, करियर उन्नति तथा भविष्य की संभावनाओं पर बहुमूल्य सुझाव दिए।
कार्यक्रम का सफल आयोजन पूर्व छात्र ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. नूपुर कौशिक तथा इंजीनियर कुमारी उज्जवल के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन टीम में इंजीनियर कुंवर आरिफ अली, इंजीनियर इब्रान खान, इंजीनियर संदीप कुमार, और इंजीनियर राहुल कुमार का विशेष योगदान रहा। “पूर्व छात्र सम्मेलन 2026” का समापन आनंदमय, भावनात्मक और यादगार वातावरण में हुआ, जिसने पूर्व छात्रों और उनके शिक्षण संस्थान के बीच आजीवन संबंधों को और अधिक मजबूत कर दिया।

No comments:
Post a Comment