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Wednesday, March 18, 2026

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में विद्वत परिषद की बैठक, महत्वपूर्ण शैक्षणिक निर्णय



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में बुधवार को विद्वत परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत स्नातक स्तर (बीए, बीकॉम एवं बीएससी) के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं अब वस्तुनिष्ठ प्रश्न पत्र (Objective Type) पैटर्न पर आधारित होंगी। कोर/करिकुलर कोर्स के प्रत्येक प्रश्न पत्र में 100 प्रश्न होंगे तथा परीक्षा की अवधि 2 घंटे निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त बीए, बीएससी एवं बीकॉम (NEP) पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के 3 क्रेडिट कोर्स को स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (SEC) के रूप में अनिवार्य रूप से संचालित करने का निर्णय भी लिया गया, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ा जा सके। बैठक में कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, डिप्टी रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश, प्रो. हरे कृष्णा, मीडिया सेल सदस्य मितेंद्र कुमार गुप्ता सहित विद्वत परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में चार वर्षीय बी.ए.-बी.एड. एवं बी.एससी.-बी.एड. कार्यक्रम प्रारम्भ
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शैक्षणिक सत्र 2026–27 से चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP) — बी.ए.-बी.एड. एवं बी.एससी.-बी.एड. प्रारम्भ किए जाने की घोषणा की गई है। विश्वविद्यालय को इन पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त हो चुकी है। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में प्रारम्भ किया जा रहा यह कार्यक्रम माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर के लिए दक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस पाठ्यक्रम में प्रवेश राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। वर्ष 2026 में कक्षा 12 की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अथवा उत्तीर्ण अभ्यर्थी निर्धारित पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकेंगे।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को विषय-विशेष ज्ञान के साथ-साथ शिक्षण कौशल, विद्यालयीय इंटर्नशिप, शैक्षिक प्रौद्योगिकी एवं शोध आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। चार वर्ष की अवधि पूर्ण करने पर अभ्यर्थियों को स्नातक उपाधि के साथ बी.एड. की डिग्री प्रदान की जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग एवं राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाएगी। काउंसिलिंग प्रक्रिया में आरक्षण नीति एवं मेरिट के आधार पर सीटों का आवंटन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कार्यक्रम शिक्षक शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं अकादमिक उत्कृष्टता को और सुदृढ़ करेगा। अधिक जानकारी, पात्रता शर्तें एवं महत्वपूर्ण तिथियाँ विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

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