Monday, March 23, 2026

सुभारती विश्वविद्यालय में ह्लभारत की लोक कलाएँ, भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं राष्ट्र बोधह्व पर दस दिवसीय मूल्यवर्धित पाठ्यक्रम आयोजित




 

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के ललित कला विभाग द्वारा दस दिवसीय मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम ह्लभारत की लोक कलाएँ/भारतीय ज्ञान प्रणाली/राष्ट्र बोधह्व का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के कौशल विकास के साथ-साथ रोजगार के अवसरों को बढ़ाना एवं उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं के प्रति जागरूक बनाना रहा।


पाठ्यक्रम के अंतर्गत भारत की समृद्ध लोक कलाओं—जैसे मधुबनी चित्रकला, कलमकारी एवं लघु चित्रकला—का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इन पारंपरिक कला रूपों के माध्यम से छात्रों को भारतीय संस्कृति, ग्रामीण जीवन एवं रचनात्मकता की गहराई से समझ विकसित करने का अवसर मिला। साथ ही, आधुनिकीकरण के दौर में लुप्त होती कला परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) के विभिन्न आयामों—वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, योग एवं प्राचीन वैज्ञानिक परंपराओं—से छात्रों को परिचित कराया गया। इस पहल के माध्यम से प्राचीन ज्ञान को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ते हुए छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया।


इसके अतिरिक्त ह्लराष्ट्र बोधह्व विषय के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय मूल्यों, सांस्कृतिक गौरव, संवैधानिक समझ एवं नागरिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया। इस सत्र ने छात्रों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया।


लगभग 128 छात्रों ने इस पाठ्यक्रम में भाग लेकर विभिन्न कला तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनके ज्ञान का मूल्यांकन पूर्व एवं पश्चात परीक्षाओं के माध्यम से किया गया तथा सफल प्रतिभागियों को ग्रेड प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंत में छात्रों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की आकर्षक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। यह पाठ्यक्रम प्रोफेसर (डॉ.) पूजा गुप्ता, विभागाध्यक्ष के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. अंशु श्रीवास्तव एवं ललित कला विभाग के समस्त संकाय सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का आयोजन प्रोफेसर (डॉ.) पिंटू मिश्रा, डीन एवं प्रिंसिपल, एनबीएससीएफएफ के निर्देशन में किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ह्लमूल्यवर्धित पाठ्यक्रम छात्रों की प्राथमिक शिक्षा को सशक्त बनाते हुए उनके व्यक्तित्व के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।ह्व


कार्यक्रम के सफल संचालन में सुश्री प्रियंका सिंह, श्री धर्मराज गुप्ता, श्री लक्ष्य कुमार एवं श्री लकी त्यागी का विशेष सहयोग रहा। वहीं दिपुल, तारुषी, अनमोल, प्रतीक, ममता, आयुषी, अपर्णा, आद्या, आंचल, सृष्टि, चेतन, अवनी, अर्जुन, नेहा, अदिति, शुरुआत एवं प्रकृति सहित अनेक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

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