Breaking

Your Ads Here

Saturday, March 21, 2026

ईरान ने डिएगो गार्सिया पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें


अमेरिका-ब्रिटेन बेस पर पहला लंबी दूरी का हमला, रेंज ने बढ़ाई चिंता

नित्य संदेश। ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया पर दो इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जो मिडिल ईस्ट से बाहर ईरान की पहली प्रमुख कार्रवाई मानी जा रही है। 

वॉल स्ट्रीट जर्नल सहित कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 20 मार्च 2026 को हुई, लेकिन दोनों मिसाइलें लक्ष्य पर नहीं पहुंचीं। एक उड़ान के दौरान फेल हो गई, जबकि दूसरी पर अमेरिकी युद्धपोत ने एसएम-3 इंटरसेप्टर मिसाइल दागकर रोकने का प्रयास किया, हालांकि इसकी पूर्ण सफलता की पुष्टि नहीं हुई। 

डिएगो गार्सिया चागोस द्वीपसमूह में स्थित यह रणनीतिक बेस ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है, जो ईरान द्वारा अब तक घोषित अधिकतम मिसाइल रेंज (2,000 किलोमीटर) से दोगुनी दूरी है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पिछले महीने ही मिसाइल रेंज को 2,000 किलोमीटर तक सीमित करने का दावा किया था। इस असफल प्रयास से विशेषज्ञों में ईरान की छिपी हुई लंबी दूरी वाली मिसाइल क्षमता, जैसे खोर्रमशहर-4, पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिससे यूरोपीय शहरों, खाड़ी क्षेत्र के अमेरिकी ठिकानों और हिंद महासागर में नौसैनिक बलों तक संभावित पहुंच का अंदेशा बढ़ गया है।

यह कार्रवाई ब्रिटेन द्वारा अमेरिका को डिएगो गार्सिया सहित अपनी अन्य बेस से ईरान के खिलाफ ऑपरेशंस की अनुमति देने के तुरंत बाद आई है, जिसे ईरान ने जवाबी कदम माना जा सकता है। अमेरिका और ब्रिटेन ने इसे "लापरवाह" बताते हुए निंदा की है, लेकिन कोई भौतिक नुकसान नहीं हुआ। 

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना ईरान की बढ़ती आक्रामक रणनीति को दर्शाती है और क्षेत्रीय से वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। स्थिति तेजी से बदल रही है, और आगे की प्रतिक्रियाएं निर्णायक साबित हो सकती हैं।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here