Wednesday, March 11, 2026

स्वयंसेवकाओ ने इंटर कालेज के बच्चों के साथ योगाभ्यास किया।


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय माधवपुरम की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई प्रथम का सप्त दिवसीय विशेष शिविर दिल्लामाई इंटर कॉलेज लिसाडी में महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर अंजू सिंह के मार्गदर्शन में कार्यक्रम अधिकारी मनीषा भूषण, प्रोफेसर स्वर्णलता कदम,डॉक्टर राधा रानी,डॉ अजय कुमार, डॉक्टर राजीव कुमार,डॉ सोशल के निर्देशन में अपने लक्षित उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु शिविर के प्रतिदिवस पर सेम सेवी छात्राओं परिसर स्थल की साफ सफाई की, लक्ष्य गीत का गायन किया व स्वयंसेवकाओ ने इंटर कालेज के बच्चों के साथ योगाभ्यास किया। 

तत्पश्चात् छात्राओं ने मलिन मस्ती लिसाड़ी शिविर स्थल के पास रैली निकाल कर सर्वे किया।शिविर के तृतीय दिवस पर मतदाता देश का निर्माता विषय वस्तु से संबंधित
सर्वे किया,सरकार द्वारा इस वर्ष दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार कि सभी नागरिकों के वोटर कार्ड बनने अनिवार्य है, घर-घर जाकर 18 वर्ष आयु से अधिक कितने सदस्य हैं? क्या सभी के मतदाता पहचान पत्र बन चुके हैं और यदि नहीं बने हैं तो उन्हें उसके लिए क्या करना है से संबंधित विस्तृत जानकारी स्वयंसेविकाओं द्वारा दी गई। शिविर के तृतीय दिवस पर केएमसी हॉस्पिटल से ऑर्थोपेडिक डॉ॰ रजनी यादव,डॉक्टर अरविंद,डा० सत्यव्रत रस्तोगी एवं उनकी टीम द्वारा नि शुल्क परीक्षण कैंप लगाया गया। 

स्वास्थ्य परीक्षण में स्वयंसेविकाओं, देवी अहिल्याबाई इंटर कॉलेज की शिक्षिकाओं एवं मलिन बस्ती लिसाड़ी की महिलाओं एवं पुरुषों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिस में उनका बीएमआर टेस्ट,बीपी आदि द्वारा जांच की गई। शिविर के तृतीय दिवस पर बौद्धिक सत्र में डॉक्टर रजनी यादव ने (बीएमआर) बेसल मेटाबोलिक रेट क्या है? से संबंधित जानकारी दी। बीएमआर से तात्पर्य शरीर की उस न्यूनतम कैलोरी की मात्रा से है जिसकी शरीर को बुनियादी स्तर पर कार्य करने के लिए आवश्यकता होती है। इसमें सभी कोशिकाओं और सांस लेने,रक्त परिसंचरण और शरीर के तापमान जैसी आवश्यक शारीरिक क्रियाओं को बनाए रखना शामिल है। बीएमआर कई कारकों के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति में भिन्न होता है। कुछ समीकरण आपको अपने लिंग,वजन, ऊंचाई और उम्र के आधार पर अपनी बीएमआर का अनुमान लगाने में मदद कर सकते हैं। 

स्वास्थ्य परीक्षण में अधिकांश स्वयं सेविकाओं में कमजोरी,थकान, हीमोग्लोबिन, कैल्शियम की मात्रा में कमी पाई गई। अधिकांश छात्राओं के खानपान सम्बन्धी अनियमितताओं को उनकी शारीरिक कमजोरियों का एक मुख्य कारण बताया।डॉ०रजनी यादव एवं डॉ॰ सत्यव्रत रस्तोगी द्वारा उन्हें अपने खान पान से संबंधित अपनी जीवनशैली में सुधार करने की सलाह दी। 

आज के शिविर का संचालन कुमारी गुनगुन सैनी बी.ए. प्रथम वर्ष एवं धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ ० मनीषा भूषण द्वारा किया गया। आज के शिविर में स्वयंसेवी छात्राओं प्राची व बसूटा, सुरभी दीक्षित,गुनगुन, गुनगुन सैनी, राधिका,अदीबा,पूजा, गुलाफ़्शा,नीशू वर्मा, शीतल,शहरीन अक्शा, अस्मी, इल्मा, कामिनी मन्त्तशा,सना, भावना,अनिका, निक्की,महक,शिवानी,शगुन,तनु, रेणुका,मानसी आदि का विशेष सहयोग रहा।

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