नित्य संदेश। रमज़ान का पवित्र महीना इबादत, सब्र, रहमत और भाईचारे का महीना है। इस मुबारक महीने में आख़िरी जुमा (जुमातुल विदा) की विशेष अहमियत होती है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग मस्जिदों में इकट्ठा होकर नमाज़ अदा करते हैं और अल्लाह से दुआ करते हैं।
इस अवसर पर देश के तमाम नमाज़ियों और आम नागरिकों से विनम्र अपील है कि नमाज़ के समय व्यवस्था, अनुशासन और आपसी भाईचारे का पूरा ध्यान रखें। सड़क, चौराहों और मुख्य मार्गों को अवरुद्ध करने से बचें, ताकि आम जनता और राहगीरों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मस्जिदों और निर्धारित स्थानों पर ही नमाज़ अदा करें तथा सफ़ाई, सादगी और शांति बनाए रखें। रमज़ान हमें सब्र, संयम, इंसानियत और सामाजिक ज़िम्मेदारी का संदेश देता है। इसलिए हम सबका कर्तव्य है कि अपने व्यवहार से समाज में अमन, सद्भाव और भाईचारे का माहौल कायम रखें।
आइए, इस पवित्र अवसर पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि रमज़ान के आख़िरी जुमा की नमाज़ पूरी शांति, व्यवस्था और सम्मान के साथ अदा करेंगे और समाज में एक अच्छा संदेश देंगे।
शाहीन परवेज़ एडवोकेट
समाजसेविका
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