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Sunday, March 22, 2026

तीनों बलिदानीयौं को श्रद्धा- सुमन अर्पित कर नमन किया


नित्य संदेश ब्यूरो 
परीक्षितगढ़। डी एम. पब्लिक स्कूल में देश के महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमें तीनों बलिदानीयौं को श्रद्धा- सुमन अर्पित कर नमन किया ।

इस अवसर पर विद्यालय डायरेक्टर रविन्द्र चौधरी ने कहा इंकलाब जिन्दाबाद सिर्फ नारा ही नहीं बल्कि यह हर भारतीय के दिल में जज्बा बनकर अमर हो गया। अंग्रेजों के शासन काल में जब देश गुलाम था, तब दिसम्बर 1928 में इन्हीं तीन वीर सपूतों ने नेशनल असेम्बली में बम फेंक कर अंग्रेजों को चुनौती दी। वे बम फेंक कर भाग भी सकते थे, लेकिन उन्होने खुद गिरफ्तारी दी ताकि देश के युवाओं में क्रांति का जोश भर सके ।

 रवीन्द्र चौधरीने कहा-भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को 24 मार्च 1931को फांसी दी जानी थी। भारत देश की जनता से डर कर अंग्रेजो ने एक दिन पहले 23 मार्च 1931 को लाहौर सेंट्रल जेल में तीनों को फांसी दे दी थी। उनकी फांसी ने देश के युवाओं व जनता को झकझोर दिया, जिसके परिणामस्वरूप अंग्रेज़ों के विरुद्ध भारत में क्रान्ति तेज हुई । जिसके परिणामस्वरूप 15 अगस्त 1947 को भारत देश आजाद हुआ । आज़ादी के बाद से ही भारत में अपने अमर सपूतों के सम्मान में 23 मार्च को हर वर्ष शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है ।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य विनोद चौहान, भागेश्वरी चौधरी, सरिता गोदारा, दीपा त्यागी, अल्का शर्मा, समेत समस्त स्टाफ व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे ।

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