-जनपदों को 23 जोन, 79 सैक्टर, 66 क्यूआरटी की स्थापित,
06 अपर पुलिस अधीक्षक, 22 सीओ, 95 निरीक्षक, 805 उप निरीक्षक, 1100 मु.आ., 1360 आरक्षी
एवं 1090 होमगार्ड-पीआरडी व 03 कम्पनी पीएसी के हवाले रहेगी सुरक्षा
लियाकत मंसूरी
नित्य संदेश, मेरठ। ईद-उल-फितर के अवसर पर परिक्षेत्र के चारों जनपद मेरठ, बुलन्दशहर, बागपत एवं हापुड़ में 460 ईदगाह तथा 1865 मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी, जिसमें मेरठ में 158 ईदगाह व 544 मस्जिद, बुलन्दशहर में 150 ईदगाह व 414 मस्जिद, बागपत में 68 ईदगाह व 451 मस्जिद तथा जनपद हापुड़ में 84 ईदगाह व 456 मस्जिदों में नमाज अदा होगी।
डीआईजी कलानिधी नैथानी ने बताया कि परिक्षेत्र में 208
स्थानों को संवेदनशील, हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है, जिसके सुरक्षार्थ
23 जोन, 79 सैक्टर एवं 66 क्यूआरटी स्थापित की गई है। त्योहार को सकुशल संपन्न कराए
जाने के लिए परिक्षेत्र की सभी जनपदीय पुलिस द्वारा पीस कमेटी की बैठक धर्मगुरुओं के
साथ कर ली गई। 108 अन्य विभाग जैसे नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत एवं आयोजकों, संयोजकों
के साथ 125 गोष्ठीयाँ आयोजित की। उन्होंने पुलिसयकर्मियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक
थाने पर उपलब्ध त्योहार रजिस्टर तथा रजिस्टर संख्या-8 में उपलब्ध प्रविष्टियों का अध्ययन
कर लिया जाए तथा किसी नई परम्परा की अनुमति न दी जाए। असामाजिक, साम्प्रदायिक तत्वों
की सूचियों को अद्यावधिक किया जाए और तद्नुसार आवश्यकता पड़ने पर इन साम्प्रदायिक एवं
अवाँछनीय तत्वों के विरूद्ध कड़ी निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। समस्त
थाना क्षेत्रों में उक्त त्योहार के दृष्टिगत TROUBLE SPOTS चिन्हित किए जाएं, जिसकी
सूची वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक-पुलिस अधीक्षक के पास उपलब्ध होनी चाहिए। पुलिस प्रबंध करते
वक्त विगत वर्षों की संवेदनशीलता का आंकलन के साथ-साथ वर्तमान परिवेश की संवेदनशीलता
का समावेश भी अवश्य किया जाए। पुलिस प्रबंध एवं व्यवस्थापन स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप
किया जाए।
ईद एवं नवरात्र पर्व एक साथ
डीआईजी ने कहा कि जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक-पुलिस अधीक्षक द्वारा
महत्वपूर्ण ईदगाह, मस्जिदों सहित सभी संवेदनशील स्थानों का संयुक्त भ्रमण कर लिया जाए। रमजान
माह के दौरान ही नवरात्र भी प्रारम्भ हो रहे है, ऐसे में मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों
में समुचित पुलिस प्रबन्ध कर सतर्क दृष्टि रखी जाए। नवरात्र तथा ईद के आयोजन-कार्यक्रम
जहाँ एक स्थान व एक समय पर आयोजित होना हो, वहाँ आयोजकों से वार्ता कर पूर्व से योजना
बनाकर समुचित पुलिस प्रबन्ध किए जाए।
बाजार एवं मॉल में रखी जाए विशेष सुरक्षा
रमजान माह के अन्तिम सप्ताह में बड़ी संख्या में महिलाएं
एवं बच्चें बाजारों में अपनी आवश्यकतानुसार वस्तुए क्रय करने के लिए निकलते हैं, इसके
दृष्टिगत बाजारों व मॉल में विशेष सतर्कता बरती जाए। रमजान माह के अन्तिम शुक्रवार
एवं ईद-उल-फितर के दिन होने वाली नमाजों के समय पर्याप्त एवं प्रभावी पुलिस प्रबन्ध
किया जाउ। प्रत्येक मस्जिद में ईद-उल-फितर पर्व की पूर्व रात्रि में सतर्क दृष्टि रखी
जाए, ताकि असामाजिक तत्वों द्वारा किसी प्रकार की अफवाहें मस्जिदों अथवा उसके आस-पास
न फैलायी जाए।
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