नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। जनपद में एक बड़ा पेंशन घोटाला सामने आया है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की सकौती टांडा शाखा में एक मृत महिला को सात साल तक कागजों में जीवित दिखाकर ₹44 लाख से अधिक की पेंशन हड़पी गई। बैंक ने इस मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।यह मामला दौराला थाना क्षेत्र स्थित भारतीय स्टेट बैंक की सकौती टांडा शाखा से जुड़ा है। बैंक प्रबंधक की शिकायत के अनुसार, गांव शाहपुर जदीद निवासी शांति देवी का निधन वर्ष 2018 में हो गया था। इसके बावजूद, उनके दस्तावेजों को जीवित दर्शाया जाता रहा। आरोप है कि मृतका के बेटे प्रेम सिंह ने अज्ञात साथियों के साथ मिलकर फर्जी जीवित प्रमाण पत्र बनवाए। इन प्रमाण पत्रों के आधार पर शांति देवी के खाते से एटीएम और यूपीआई के जरिए लगातार पैसे निकाले जाते रहे। इस धोखाधड़ी में कुल ₹44 लाख 38 हजार की राशि हड़पी गई। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब सरधना उपजिलाधिकारी के एक पत्र के माध्यम से बैंक को शांति देवी की मृत्यु की सूचना मिली। इसके बाद बैंक ने आंतरिक जांच शुरू की, जिसमें यह पूरा घोटाला सामने आया।
दौराला थाना प्रभारी सुमन कुमार सिंह ने बताया कि बैंक प्रबंधन ने पहले 27 नवंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। कार्रवाई न होने पर, बैंक ने अब दोबारा प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने इस संबंध में दौराला थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने बैंकिंग व्यवस्था और पेंशन वितरण प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।बड़ा सवाल बैंक प्रबंधक हर बार KYC कराते है तो फिर लापरवाही क्यों वजह जो भी रही हो यह मामला क्षेत्र में चर्चा का कारण बना हुआ है ।
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