Sunday, March 22, 2026

2 मई, 2026 से प्रारंभ होगा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जनगणना महाअभियान


सपना साहू 

15 साल बाद जुटेंगे सटीक आंकड़े

नित्य संदेश ब्यूरो 

इंदौर। भारत में जनगणना महाअभियान आगामी 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। कोविड-19 महामारी के कारण 2021 में स्थगित हुई जनगणना, इस बार पूरी तरह से डिजिटल तकनीक के माध्यम से संपन्न होगी।

इस बार ​तकनीकी हस्तक्षेप के कारण यह प्रक्रिया पारदर्शी रूप से संपन्न की जाएगी। केंद्र सरकार ने जनगणना को त्रुटिहीन बनाने के लिए चार प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म् - एचएलओ मोबाइल एप, एसई पोर्टल, सीएमएमएस पोर्टल और एचएलबीसी वेब एप्लिकेशन को एकीकृत किया है। पहली बार इतने व्यापक स्तर पर डिजिटल उपकरणों का उपयोग डेटा संग्रह में किया जाएगा, जो देश की सामाजिक, आर्थिक और भौतिक स्थिति की सटीक तस्वीर प्रस्तुत करने में सहायक होगा।

​2026 की यह जनगणना महत्वपूर्ण है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि सही डेटा ही प्रभावी नीतियों का आधार है। यह जनगणना न केवल संसाधनों के समान बंटवारे में मदद करेगी, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और डिजिटल इंडिया जैसी कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, यह जातिगत गणना के साथ-साथ लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के सीमांकन का भी मुख्य आधार बनेगी। 

इस बार की गणना में नागरिकों से कुल 33 महत्वपूर्ण बिंदु पूछे जाएंगे, जो चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित हैं:

1. ​आवास संरचना - मकान नंबर, निर्माण सामग्री (दीवार, छत, फर्श) और घर की स्थिति।

2. ​पारिवारिक विवरण - सदस्यों की संख्या, मुखिया का विवरण, लिंग और जातिगत आंकड़े।

3. ​जीवन स्तर - बुनियादी सुविधाएं जैसे पेयजल का स्रोत, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय की उपलब्धता, रसोई गैस और जल निकासी का माध्यम।

4. ​घरेलू उपकरण - इंटरनेट, लैपटॉप/कंप्यूटर, मोबाइल फोन, साइकिल, स्कूटर और कार जैसी सुख-सुविधाओं की उपलब्धता।

प्रशासन ने ​नागरिकों से सहयोग और सतर्कता की अपील की है। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत सही जानकारी देने की अपील की है। गलत जानकारी देने से न केवल व्यक्तिगत लाभ से वंचित होने का खतरा है, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।

​साथ ही, साइबर ठगी के प्रति आगाह करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिक केवल अधिकृत आईडी कार्ड वाले गणना कर्मियों को ही जानकारी दें। किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति, फर्जी ऐप या संदिग्ध फोन कॉल पर अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर या बैंक संबंधी विवरण साझा न करें। किसी भी संदेह की स्थिति में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से तुरंत संपर्क करें।

​जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि एक विकसित और समावेशी भारत के निर्माण की नींव है। नागरिकों का सहयोग इस ऐतिहासिक अभियान की सफलता के लिए अनिवार्य है।

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