Monday, February 16, 2026

मदरसों में शिक्षकों की नई नियुक्ति पर लगी रोक हटाने की मांग

 


-शिक्षकों को दिया जाए वेतन, भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा में उप्र कार्य समिति के सदस्य काज़ी शादाब ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। उप्र में राज्यानुदानित मदरसों में शिक्षकों की नयी नियुक्तियों पर लगी रोक हटाए जाने तथा कार्यरत शिक्षकों का वेतन दिए जाने की मांग की है।


भाजपा नेता ने बताया कि उप्र शासन द्वारा 14 मई 2025 को उप्र के राज्यानुदानित मदरसों में शिक्षकों की नयी नियुक्तियों पर रोक लगाने का आदेश रजिस्ट्रार उप्र मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ को दिया गया था। इस सम्बन्ध में यह अवगत कराना चाहूंगा कि मदरसों में नए शिक्षकों की नियुक्तियों पर रोक के कारण उप्र के अधिकतर मदरसों में शिक्षण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही हैं। शिक्षक कम होने के कारण मदरसों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही हैं। प्रदेश के अधिकतर मदरसा प्रबन्धक समितियों द्वारा अपने-अपने मदरसों में रिक्त शिक्षकों का ब्यौरा रजिस्ट्रार उप्र मदरसा शिक्षा परिषद को भेज रखा है। परन्तु उप्र शासन द्वारा नयी नियुक्तियों पर रोक के कारण मदरसा प्रबन्ध समितियों को नयी नियुक्तियाँ करने की मंजूरी उप्र मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा नहीं दी जा रही है।


बच्चों के भविष्य पर बताया संकट

यह भी अवगत कराना चाहूंगा कि 25 अप्रेल 2025 के उपरान्त जिन शिक्षकों की नियुक्ति उप्र मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा की गयी थी, उनको अभी तक वेतन नहीं दिया गया है। मांग की कि तत्काल प्रभाव से उप्र राज्यानुदानित मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य को देखते हुए उप्र के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग तथा रजिस्ट्रार उप्र मदरसा शिक्षा परिषद को शिक्षकों की नयी नियुक्तियाँ करने तथा शिक्षकों का वेतन दिए जाने का आदेश पारित किया जाए।

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