नित्य संदेश ब्यूरो
गाज़ियाबाद। स्वच्छता नर्सरी, कौशांबी में आज पूर्वांचल बिहार जनकल्याण समिति की ओर से मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पारंपरिक चूड़ा-दही भोज का भव्य एवं सांस्कृतिक आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में पूर्वांचल और बिहार से जुड़े बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य आपसी भाईचारे को मजबूत करना, सामाजिक एकता को बढ़ावा देना तथा बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय भारद्वाज ने की।
उन्होंने सभी उपस्थित लोगों के साथ सामूहिक रूप से दही-चूड़ा का आनंद लिया और मकर संक्रांति के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि बिहार की संस्कृति, परंपरा और आपसी मेल-मिलाप का प्रतीक है। दही-चूड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजन समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं और हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।
श्री भारद्वाज ने आगे कहा कि ऐसे आयोजन आज के समय में और भी अधिक आवश्यक हैं, ताकि लोग अपनी सांस्कृतिक पहचान को न भूलें और सामाजिक समरसता बनी रहे। उन्होंने पूर्वांचल और बिहार के लोगों से एकजुट होकर समाज के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर समिति के प्रमुख पदाधिकारियों में रंजीत गिरि, पप्पू गुप्ता, अजय झा, अमित सिंह, संदीप त्रिवेदी, निशा मिश्रा और मोहनी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पारंपरिक बिहारी व्यंजनों का रसास्वादन किया और उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। आयोजन के दौरान लोक-संस्कृति, आपसी संवाद और सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम के समापन पर समिति की ओर से पूर्वांचल एवं बिहारवासियों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही सभी को नई उमंग, नया जोश और नए लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। यह आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और आपसी भाईचारे का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।
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